नालंदा में एक ही परिवार के 4 सदस्यों ने उठाया खौफनाक कदम, डीएसपी के खुलासे से मची सनसनी

बिहार के नालंदा जिले के विशुनपुर गांव में पारिवारिक विवाद के चलते एक ही परिवार के चार लोगों ने आत्महत्या की कोशिश की, जिसमें दो लोगों की जान चली गई है। पुलिस की जांच में अवैध संबंधों का विवाद मुख्य कारण बताया जा रहा है।

नालंदा में दहला देने वाली वारदात

बिहार के नालंदा जिले से एक अत्यंत दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जिले के चंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले विशुनपुर गांव में शनिवार को एक ही परिवार के चार सदस्यों ने सामूहिक रूप से आत्मघाती कदम उठा लिया। इस घटना के बाद से न केवल विशुनपुर गांव, बल्कि पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया है और स्थानीय लोग इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच और खुलासों ने इस पूरे मामले को एक अलग ही मोड़ दे दिया है।

पारिवारिक कलह और आत्मघाती प्रयासों का सिलसिला

इस घटना की शुरुआत शनिवार की सुबह से ही शुरू हो गई थी। परिवार के सदस्यों के बीच चल रही आपसी कलह इतनी बढ़ गई कि घर के बड़ों से लेकर युवा पीढ़ी तक ने अपनी जान देने का प्रयास किया। परिवार के सदस्य पुरुषोत्तम तांती ने सबसे पहले सुबह करीब 11 बजे फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। गनीमत रही कि समय रहते आसपास के ग्रामीणों और अन्य परिजनों ने उन्हें फंदे से उतार लिया, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

हालांकि, यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। पुरुषोत्तम के इस कदम के कुछ ही देर बाद, रंजीत तांती और उनकी पत्नी गोरी देवी ने भी जान देने की कोशिश की। उन्होंने गेहूं की सुरक्षा में इस्तेमाल होने वाली जहरीली कीटनाशक दवा का सेवन कर लिया। तबीयत बिगड़ते ही परिजनों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान 30 वर्षीय गोरी देवी की मौत हो गई। वहीं, रंजीत तांती की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और वे जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।

ससुर और बहू की मौत, घर का बड़ा सदस्य भी शामिल

इस पूरे घटनाक्रम में घर के मुखिया और 65 वर्षीय दिलेन्द्र तांती ने भी हार मान ली। उन्होंने घर की छत पर जाकर फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में कुल चार लोगों ने जान देने की कोशिश की, जिनमें से दिलेन्द्र तांती और गोरी देवी की मृत्यु हो गई, जबकि रंजीत तांती और पुरुषोत्तम तांती का अस्पताल में उपचार चल रहा है।

चार साल के मासूम प्रिंस ने बयां किया सच

इस खौफनाक घटना का सबसे डरावना पहलू वह है जो मृतका गोरी देवी के 4 वर्षीय पुत्र प्रिंस ने बयां किया। मासूम बच्चे ने बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ माधोपुर बाजार गया था, जहाँ से वह जहरीली दवा खरीदी गई थी। बच्चे के अनुसार, उसे भी जबरन जहर देने का प्रयास किया गया था, लेकिन उसने सूझबूझ दिखाते हुए उस जहर की टिकिया को फेंक दिया, जिससे उसकी जान बच गई। रंजीत तांती के बारे में बताया जाता है कि वे मोमोज का स्टॉल लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे, लेकिन गरीबी और विवाद के बीच सब कुछ खत्म हो गया।

डीएसपी का सनसनीखेज खुलासा

हिलसा के डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने घटनास्थल का मुआयना करने और ग्रामीणों व परिजनों से पूछताछ के बाद इस मामले का खुलासा किया है। डीएसपी के मुताबिक, इस पूरी दुखद घटना के पीछे का कारण ससुर और बहू के बीच कथित अवैध संबंध का विवाद है। इसी बात को लेकर बेटे रंजीत का अपने पिता दिलेन्द्र तांती के साथ काफी समय से विवाद चल रहा था। विवाद इतना गहरा गया कि बेटे ने गुस्से में आकर खुद जहर खा लिया और अपनी पत्नी गोरी देवी को भी जहर खिला दिया। बेटे और बहू की ऐसी स्थिति देख ससुर दिलेन्द्र तांती ने भी आत्महत्या कर ली।

पुलिस की कार्रवाई और जांच जारी

चंडी अंचल के पुलिस निरीक्षक चंदन कुमार सिंह ने बताया कि पारिवारिक कलह ही इस पूरी घटना की मुख्य जड़ है। उन्होंने पुष्टि की कि ससुर ने फंदा लगाया जबकि पति-पत्नी ने जहर का सेवन किया। पुलिस अब इस मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है और हर एक पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। परिजनों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के पीछे की अन्य छिपी हुई वजहों का भी पता लगाया जा सके। फिलहाल, गांव के लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं और पुलिस की टीम मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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