घर पर बनाएं बिहारी और बंगाली स्वाद का संगम, पोस्ता दाना मछली करी से बदल जाएगा खाने का अनुभव

बिहार में मछली करी के पारंपरिक स्वाद से हटकर कुछ नया आजमाना चाहते हैं तो बंगाली स्टाइल की पोस्ता दाना फिश करी एक बेहतरीन विकल्प है। जमुई के एक अनुभवी कुक ने इसे बनाने की बेहद आसान विधि साझा की है जो सेहत के लिए भी हल्की है।

बिहार की थाली में बंगाल का अनोखा जायका

बिहार में मछली के प्रति लोगों का लगाव जगजाहिर है। यहाँ के घरों में सरसों और लहसुन के मसाले वाली मछली करी काफी लोकप्रिय है, लेकिन अगर आप रोज-रोज वही पारंपरिक स्वाद खाकर ऊब चुके हैं, तो अब आपको अपनी रसोई में थोड़ा बदलाव करने की जरूरत है। जमुई के रहने वाले अनुभवी कारीगर शंभू साव ने हाल ही में मछली बनाने का एक नया और लाजवाब तरीका साझा किया है। उन्होंने बिहारी अंदाज में बंगाल की प्रसिद्ध पोस्ता दाना मछली करी बनाने की विधि बताई है। यह व्यंजन न केवल खाने में बेहद स्वादिष्ट और जायकेदार है, बल्कि इसे पचाना भी काफी आसान होता है।

क्यों खास है यह पोस्ता दाना रेसिपी

शंभू साव, जो पिछले 20 वर्षों से भी अधिक समय से पाक कला के क्षेत्र में सक्रिय हैं, बताते हैं कि बंगाल में पोस्ता दाना यानी खसखस का उपयोग मछली की ग्रेवी बनाने में बड़े पैमाने पर किया जाता है। अक्सर लोग नॉनवेज खाने के बाद बदहजमी या पेट भारी होने की समस्या से परेशान रहते हैं, लेकिन यह रेसिपी उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह मछली करी बेहद हल्की होती है और शरीर में आसानी से पच जाती है। यदि आप भी मछली खाने के शौकीन हैं लेकिन सेहत की चिंता के कारण परहेज करते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए एकदम सही विकल्प है।

सामग्री तैयार करने की विधि

इस शानदार डिश को बनाने की प्रक्रिया काफी सरल है। सबसे पहले आपको पोस्ता दाना यानी खसखस को अच्छी तरह से साफ कर लेना है और इसे लगभग 2 घंटे तक पानी में भिगोकर रखना होगा। भीगने के बाद, इसमें थोड़ी मात्रा में हरी मिर्च मिलाकर इसे मिक्सी में दरदरा पीस लें। ध्यान रखें कि इस पेस्ट को बहुत अधिक पतला या बिल्कुल महीन न करें, क्योंकि इसका दरदरापन ही करी के स्वाद को बढ़ाता है। वहीं दूसरी ओर, मछली के टुकड़ों को अच्छी तरह से धोकर उसमें नमक और हल्दी मिलाएं। इन टुकड़ों को मैरिनेट होने के लिए 10 मिनट तक छोड़ दें।

मछली फ्राई करने का तरीका

अगले चरण में एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें। जब तेल पर्याप्त गर्म हो जाए, तो इसमें हल्दी और नमक लगी हुई मछली के टुकड़ों को डालें और उन्हें सुनहरा होने तक फ्राई करें। जब मछली का रंग हल्का सुनहरा हो जाए, तो इन्हें सावधानीपूर्वक कड़ाही से बाहर निकाल लें। याद रखें कि मछली को बहुत अधिक सख्त नहीं करना है, बस हल्का सुनहरा रंग आने तक ही तलना पर्याप्त है।

ग्रेवी बनाने की प्रक्रिया

अब मुख्य मसाले की बारी है। शंभू साव बताते हैं कि उसी कड़ाही में थोड़ा और सरसों का तेल डालें और इसमें बारीक कटा हुआ प्याज भूनें। जब प्याज का रंग सुनहरा होने लगे, तो इसमें पहले से तैयार करके रखा हुआ पोस्ता दाना का पेस्ट डाल दें। इस पेस्ट को कड़ाही में डालकर लगभग 2 से 3 मिनट तक अच्छी तरह भूनें। इसके बाद इसमें स्वाद के अनुसार हल्दी और नमक मिलाएं। ग्रेवी की कंसिस्टेंसी को ठीक करने के लिए थोड़ा पानी डालें और इसे तब तक पकाएं जब तक कि ग्रेवी हल्की गाढ़ी न हो जाए।

पकाने का अंतिम चरण

जब ग्रेवी में उबाल आने लगे और वह गाढ़ी हो जाए, तो इसमें तली हुई मछली के टुकड़ों को डाल दें। इसे ऊपर से ढक दें और धीमी आंच पर लगभग 5 से 7 मिनट तक पकने दें। धीमी आंच पर पकाने से मछली के अंदर तक मसालों का स्वाद अच्छी तरह समा जाता है। अंत में, ऊपर से कटी हुई हरी मिर्च डालकर इसे आंच से उतार लें। आपकी बंगाली स्टाइल पोस्ता दाना मछली करी अब परोसने के लिए तैयार है। यह बनाने में जितनी सरल है, खाने में उतनी ही बेजोड़ है। इस तरह आप बिहार की पारंपरिक सरसों वाली करी के बजाय एक नया और शानदार स्वाद अपने घर की मेज पर ला सकते हैं।

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