ट्यूबवेल के पास मिला किसान का शव
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में स्थित महाराजपुर थाना क्षेत्र के हाथीगांव में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक किसान का शव खेत में बने ट्यूबवेल के पास लहूलुहान अवस्था में मिला। मृतक की पहचान 45 वर्षीय हरिमोहन सिंह यादव के रूप में की गई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि उनके गले और हाथों पर धारदार हथियार से वार के कई गंभीर निशान बने हुए हैं। घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को वहां से शराब की कई खाली बोतलें और डिस्पोजेबल गिलास मिले हैं। पुलिस का शुरुआती अनुमान है कि रात के समय वहां शराब की महफिल जमी थी और संभवतः किसी विवाद के कारण इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
रात की अंतिम बातचीत
हरिमोहन सिंह यादव अविवाहित थे और खेती करने के साथ ही गांव के पास स्थित खेत की रखवाली का काम भी संभालते थे। परिजनों के अनुसार, वह रोजाना की तरह बुधवार रात को भी अपने ट्यूबवेल पर सोने के लिए गए थे। उन्होंने उस रात घर पर भोजन नहीं किया था। परिवार के सदस्यों ने बताया कि जब उन्होंने फोन पर हरिमोहन से बात की थी, तब उन्होंने स्पष्ट कहा था कि वह खाना खा चुके हैं और रात भर ट्यूबवेल पर ही रुकेंगे। इसके बाद अगली सुबह परिवार को उनकी हत्या की दुखद सूचना मिली।
घटनास्थल पर मिले शराब के सबूत
गुरुवार की सुबह जब गांव के अन्य लोग खेतों की ओर काम के लिए निकले, तो उन्होंने ट्यूबवेल के पास खून बिखरा हुआ देखा। पास जाने पर हरिमोहन का शव पड़ा हुआ मिला। इस खबर के पूरे गांव में फैलते ही हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर ग्रामीणों व परिजनों की भीड़ जमा हो गई। तत्काल प्रभाव से पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को सूचित किया गया। मौके से मिली अंग्रेजी और देशी शराब की खाली बोतलें व 15 से 20 डिस्पोजेबल गिलास इस बात की पुष्टि करते हैं कि देर रात वहां कुछ लोग मौजूद थे। हालांकि, अब तक हत्या के पीछे का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ पाया है।
परिजनों का पुलिस की कार्यप्रणाली पर विरोध
इस पूरे मामले में उस समय तनाव बढ़ गया जब पुलिस की टीम ने फोरेंसिक जांच पूरी होने से पहले ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी। परिजनों ने इसका कड़ा विरोध किया और पुलिस पर जल्दबाजी में कार्रवाई करने का आरोप लगाया। परिवार का कहना था कि यदि बिना वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए शव को वहां से हटाया गया, तो मामले की महत्वपूर्ण कड़ियां मिट सकती हैं। इसे लेकर पुलिस और आक्रोशित परिजनों के बीच काफी नोकझोंक भी हुई। अंततः अधिकारियों के हस्तक्षेप और समझाने के बाद शव को वापस उसी स्थान पर रखा गया, जिसके बाद फोरेंसिक टीम ने बारीकी से मुआयना किया और साक्ष्य एकत्रित किए।
गांव के ही युवकों पर संदेह
मृतक के भतीजे ने गांव के ही तीन अज्ञात युवकों पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है। परिवार का दावा है कि रात में हरिमोहन ने फोन पर खुद बताया था कि ट्यूबवेल पर पार्टी चल रही है और इस कारण वह घर नहीं आएंगे। इसी जानकारी को आधार बनाते हुए परिजनों ने पुलिस को तीन संदिग्ध व्यक्तियों के नाम बताए हैं। पुलिस ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए उन युवकों की तलाश और पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि घटनास्थल से मिले सबूतों और परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस हर कोण से जांच कर रही है। हालांकि हत्या की ठोस वजह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन पुलिस सभी संभावित संभावनाओं पर काम कर रही है। फोरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ-साथ संदिग्धों से होने वाली पूछताछ के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का भरोसा है कि इस हत्याकांड का जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।
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