सनातन धर्म में नवरात्रि के त्योहार का बहुत अधिक महत्व माना गया है। वैसे तो साल भर में कुल चार बार नवरात्रि आती है, लेकिन इनमें आषाढ़ महीने में आने वाली गुप्त नवरात्रि को साधना और तंत्र-मंत्र की दृष्टि से अत्यंत फलदायी और विशेष माना जाता है। इस वर्ष 15 जुलाई से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का पावन पर्व शुरू होने जा रही है। ज्योतिषविदों के अनुसार, इस बार की गुप्त नवरात्रि बेहद खास होने वाली है क्योंकि इसके पहले ही दिन कई वर्षों के बाद एक बेहद दुर्लभ और शुभ संयोग का निर्माण हो रहा है। इस अद्भुत संयोग के कारण कुछ विशेष राशियों के जातकों के जीवन में सुख, समृद्धि और धन-दौलत की बौछार होने वाली है।
गुप्त नवरात्रि और दस महाविद्याओं की साधना का महत्व
देवघर के सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल ने इस पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हिंदू धर्मग्रंथों में गुप्त नवरात्रि को साधना, तपस्या और अपनी मनोकामनाओं को पूरा करने का एक बेहद शक्तिशाली समय माना गया है। सामान्य नवरात्रि में जहां मां दुर्गा के नौ रूपों की सार्वजनिक रूप से पूजा-अर्चना की जाती है, वहीं गुप्त नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की शक्तियों के साथ-साथ अत्यंत प्रभावशाली दस महाविद्याओं की गोपनीय तरीके से विशेष आराधना की जाती है।
पंडित जी का कहना है कि इस दौरान की जाने वाली पूजा और साधना को पूरी तरह गोपनीय रखा जाता है, जिससे इसका फल कई गुना बढ़ जाता है। इस बार की गुप्त नवरात्रि में ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार बन रही है जो साधकों के साथ-साथ आम लोगों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लेकर आएगी। पहले ही दिन से बनने वाले शुभ संयोगों के कारण इस अवधि में की गई पूजा भक्तों को विशेष फल प्रदान करने वाली होगी।
घटस्थापना का सबसे उत्तम और शुभ मुहूर्त
किसी भी नवरात्रि की शुरुआत कलश स्थापना यानी घटस्थापना के साथ होती है। शास्त्रों के अनुसार, सही और शुभ मुहूर्त में की गई घटस्थापना से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है और देवी मां प्रसन्न होती हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल के अनुसार, इस वर्ष 15 जुलाई को घटस्थापना के लिए बेहद शुभ समय मिल रहा है।
भक्तों के लिए घटस्थापना का सबसे उत्तम मुहूर्त सुबह 5 बजकर 33 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 09 मिनट तक रहेगा। इस निर्धारित समय अवधि के भीतर श्रद्धालुओं को पूरे विधि-विधान और शुद्ध मन के साथ कलश की स्थापना कर लेनी चाहिए। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और सुख-शांति बनी रहेगी। इस दौरान नियम और निष्ठा के साथ की गई पूजा से घर-परिवार में खुशहाली और उन्नति के नए मार्ग खुलते हैं।
पहले ही दिन बनेगा दुर्लभ लक्ष्मी नारायण योग
इस बार की आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके आरंभिक दिन ही आकाश मंडल में एक बेहद शुभ और दुर्लभ युति बन रही है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, पहले दिन देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा एक साथ आकर युति का निर्माण करेंगे। गुरु और चंद्रमा की इस विशेष युति से ज्योतिष शास्त्र का अत्यंत फलदायी माना जाने वाला लक्ष्मी नारायण योग बनने जा रहा है।
यह शुभ योग सुख, समृद्धि, वैभव और धन प्रदान करने वाला माना जाता है। कई वर्षों के अंतराल के बाद आषाढ़ नवरात्रि के पहले दिन इस तरह के महायोग का बनना अपने आप में एक बहुत बड़ा संकेत है। इस योग के प्रभाव से लोगों की आर्थिक समस्याएं समाप्त होंगी और समाज में मान-सम्मान की वृद्धि होगी। विशेष रूप से तीन राशियों के जातकों के लिए यह समय भाग्य बदलने वाला साबित हो सकता है।
इन तीन भाग्यशाली राशियों पर बरसेगी मां की विशेष कृपा
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, पहले दिन बनने वाले लक्ष्मी नारायण योग और मां दुर्गा की असीम अनुकंपा से तीन राशियों के जातकों को सबसे ज्यादा लाभ मिलने वाला है। आइए जानते हैं कि वे तीन राशियां कौन-सी हैं और उनके जीवन में क्या बदलाव आने वाले हैं:
- कर्क राशि: कर्क राशि के जातकों के लिए यह गुप्त नवरात्रि बेहद कल्याणकारी साबित होगी। इस अवधि में आपके लंबे समय से रुके हुए और अटके हुए कार्य तेजी से पूरे होने लगेंगे। नौकरीपेशा लोगों और व्यापार करने वालों को नए और बेहतरीन अवसर हाथ लगेंगे। आपको अपने परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे आपका मनोबल ऊंचा रहेगा। आर्थिक मोर्चे पर आपकी स्थिति पहले की तुलना में काफी मजबूत होगी। मां दुर्गा और मां लक्ष्मी के आशीर्वाद से आपके घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास रहेगा।
- तुला राशि: तुला राशि के जातकों के लिए यह समय जीवन में कोई बड़ा और सुखद समाचार लेकर आ सकता है। यदि आप व्यापार क्षेत्र से जुड़े हैं, तो आपको इस दौरान बड़ा मुनाफा होने के प्रबल योग बन रहे हैं। नौकरी करने वाले जातकों को कार्यक्षेत्र में कोई बड़ी और नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे आपके पद और सम्मान में वृद्धि होगी। आपके पुराने चल रहे विवाद और तनाव समाप्त हो जाएंगे, जिससे आपका मन अत्यंत प्रसन्न रहेगा। माता रानी की असीम कृपा से धन लाभ के कई सुनहरे अवसर आपको प्राप्त होंगे।
- मकर राशि: मकर राशि के जातकों के लिए यह गुप्त नवरात्रि करियर और व्यवसाय में बड़ी तरक्की देने वाली साबित होगी। काफी समय से अटके हुए कार्य अब सफलतापूर्वक संपन्न होंगे। आपकी कड़ी मेहनत का आपको पूरा और अनुकूल फल प्राप्त होगा। पारिवारिक जीवन में खुशियों का आगमन होगा और आर्थिक मोर्चे पर चल रही तंगी धीरे-धीरे पूरी तरह से दूर हो जाएगी। मां दुर्गा और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा दृष्टि से समाज में आपके मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी और आपकी उन्नति के नए रास्ते खुलेंगे।
इस प्रकार, इस वर्ष की आषाढ़ गुप्त नवरात्रि न केवल आध्यात्मिक साधकों के लिए बल्कि आम लोगों और विशेषकर इन तीन राशि के जातकों के लिए सुख, समृद्धि और उन्नति के नए द्वार खोलने जा रही है। देवी मां की आराधना श्रद्धापूर्वक करने से सभी कष्ट दूर होंगे।
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