ईरान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप का दो टूक रुख
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अपनी नीतियों और भविष्य की रणनीतियों पर खुलकर बात की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अमेरिका पीछे हटने वाला नहीं है। ट्रंप के अनुसार, उनके पास केवल दो ही स्पष्ट रास्ते बचे हैं, या तो ईरान के साथ एक औपचारिक समझौता कर लिया जाए या फिर अमेरिका अपने सैन्य अभियान को अंजाम देकर इस मुद्दे को पूरी तरह समाप्त कर दे। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार हर स्थिति में जीत दर्ज करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, उन्होंने इस बात को भी उजागर किया कि सैन्य टकराव के बजाय उनकी पहली पसंद कूटनीतिक बातचीत के जरिए विवादों का समाधान निकालना ही है।
शक्ति प्रदर्शन: बिजली संयंत्रों को तबाह करने की चेतावनी
अपनी सैन्य तैयारियों का जिक्र करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे ईरान के साथ बातचीत के पक्ष में हैं, क्योंकि वे 9.1 करोड़ लोगों के जीवन को सीधे प्रभावित नहीं करना चाहते। इसके बावजूद, उन्होंने ईरान को एक कठोर संदेश देते हुए कहा, यदि स्थिति बिगड़ी तो अमेरिका के पास ऐसी क्षमता है कि वे मात्र एक घंटे के भीतर ईरान के सभी महत्वपूर्ण पुलों को नष्ट कर सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने ईरान की ऊर्जा आपूर्ति और आधुनिक पावर प्लांट्स को निशाना बनाने की बात भी कही। ट्रंप का दावा है कि ईरान की वर्तमान आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है और उन्हें अमेरिका की ओर से कोई आर्थिक मदद नहीं दी गई है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा,
हम दिन के उजाले में ईरान के सभी बिजली उत्पादन संयंत्रों को पूरी तरह नष्ट कर सकते हैं। उन्हें इस बात का बखूबी अहसास है कि उनके प्लांट पूरी तरह खत्म किए जा सकते हैं।
नेतृत्व को खत्म करने का अवसर था
ईरान के वरिष्ठ नेतृत्व को लेकर भी डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास कुछ दिन पहले ही ईरान के बचे हुए शीर्ष नेतृत्व को एक ही हमले में समाप्त करने का मौका था, जब वे अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार के दौरान एक स्थान पर एकत्र हुए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में खामेनेई की मृत्यु हो गई थी। Axios को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने हमला न करने का फैसला इसलिए लिया क्योंकि यदि वे नेतृत्व को खत्म कर देते, तो बातचीत के लिए कोई पक्ष ही नहीं बचता।
ईरान का पलटवार
ट्रंप के इन बयानों के बाद ईरान ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। रविवार को आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आलोचना की। दूतावास ने कहा कि अमेरिका कभी भी अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु से जुड़े ईरानी जनता के दुख को नहीं समझ पाएगा, क्योंकि उनके पास न तो कोई सभ्यता है और न ही इतिहास या सम्मान का बोध। ईरानी दूतावास ने कहा, तुमने अयातुल्ला खामेनेई की हत्या की है, लेकिन यह केवल एक इत्र की शीशी तोड़ने जैसा है, जिसकी सुगंध अब हर ओर फैल गई है।
कोम पहुंचा खामेनेई का पार्थिव शरीर
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर कोम पहुंच चुका है। ईरान के सरकारी टीवी चैनल IRIB ने हेलीकॉप्टर के जरिए कोम प्रांत की जमकरान मस्जिद के ऊपर पहुंचने के दृश्य भी दिखाए हैं। सरकारी मीडिया के अनुसार, अंतिम संस्कार की यात्रा मंगलवार को कोम में जारी रहेगी। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को धार्मिक अनुष्ठानों के लिए इराक के पवित्र शहरों नजफ और कर्बला ले जाने की योजना है।
https://www.indiatv.in/world/us/either-a-deal-else-us-will-finish-the-job-donald-trump-warns-iran-amid-khamenei-funeral-2026-07-07-1229600