दौसा अस्पताल में महिला की मौत के बाद बवाल, ससुराल और पीहर पक्ष के लोग आपस में भिड़े

राजस्थान के दौसा में एक महिला की संदिग्ध मौत के बाद जिला अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ, जहाँ ससुराल और पीहर पक्ष के लोग आपस में मारपीट पर उतर आए। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को भारी बल तैनात करना पड़ा।

दौसा जिला अस्पताल बना युद्ध का मैदान

राजस्थान के दौसा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ बुधवार को दौसा जिला अस्पताल परिसर में उस समय भारी बवाल मच गया जब एक महिला की संदिग्ध मौत के बाद उसके ससुराल और पीहर पक्ष के लोग आपस में भिड़ गए। आलूदा गाँव की रहने वाली महिला काजू मीणा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम और जांच के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में शव के पास पहुँचते ही दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में तब्दील हो गया।

दहेज हत्या का आरोप और परिवार का आक्रोश

मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीहर पक्ष का साफ तौर पर कहना है कि यह आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि यह दहेज के लिए की गई हत्या है। परिजनों के अनुसार, ससुराल वाले लंबे समय से काजू मीणा को दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। मृतका के पति पर बोलेरो गाड़ी की मांग करने और उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, मृतका के गले पर फंदे के निशान पाए गए हैं, जिससे पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या का मामला मानकर चल रही थी, लेकिन पीहर पक्ष ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।

शव ले जाने को लेकर बढ़ा विवाद

अस्पताल में तनाव उस समय चरम पर पहुँच गया जब पोस्टमार्टम प्रक्रिया को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद हो गए। ससुराल पक्ष की ओर से शव का पोस्टमार्टम कराने पर जोर दिया जा रहा था, जबकि दूसरी तरफ पीहर पक्ष बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को अपने साथ ले जाने की जिद पर अड़ा था। इसी दौरान बात इतनी बिगड़ गई कि दोनों परिवारों के सदस्य एक-दूसरे पर लात-घूंसे और थप्पड़ बरसाने लगे। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से मोर्चरी की तरफ शव ले जाने के दौरान यह हिंसक झड़प हुई, जिसके कारण शव को ले जाने का सिलसिला बीच में ही रुक गया।

दो लोग हुए घायल और पुलिस की भारी तैनाती

इस आपसी झड़प और हाथापाई में कुल दो लोग घायल हो गए हैं। अस्पताल में मचे इस हंगामे की वजह से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस और अस्पताल प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अंततः पुलिस सुरक्षा के बीच शव को वापस इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नांगल डीएसपी शीशराम और कोतवाली थानाधिकारी भगवान सहाय शर्मा अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुँचे।

पुलिस जाँच और सुरक्षा व्यवस्था

मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास के कई थानों की पुलिस को दौसा जिला अस्पताल बुलाया गया। साथ ही आरएसी (RAC) की एक कंपनी को भी मौके पर तैनात किया गया ताकि कोई और अप्रिय घटना न हो। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों के लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और अस्पताल में शांति व्यवस्था बहाल करने की कोशिश की। वर्तमान में पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से गहनता से जाँच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के आरोपों को दर्ज किया गया है और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल अस्पताल में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और पूरे मामले में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जा रही है।

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