अमेरिका के टैरिफ वार का चीन ने दिया तीखा जवाब, 6 अमेरिकी कंपनियों को किया ब्लैकलिस्ट

चीन ने अमेरिका द्वारा लगाए गए नए व्यापार प्रतिबंधों और टैरिफ के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए जवाबी कार्रवाई की है। बीजिंग ने 6 अमेरिकी कंपनियों पर बैन लगाने के साथ ड्रोन निर्यात नियमों को और अधिक सख्त बना दिया है।

चीन का पलटवार: व्यापार युद्ध में तनाव बढ़ा

चीन ने बुधवार को अमेरिका के खिलाफ सख्त आर्थिक जवाबी कदम उठाते हुए बड़ा फैसला लिया है। बीजिंग ने अमेरिका की 6 कंपनियों को अपनी प्रतिबंधित ब्लैकलिस्ट में डाल दिया है। इसके अलावा, चीन ने अमेरिका को होने वाले ड्रोन के निर्यात और उनकी उन्नत तकनीक के स्थानांतरण पर पाबंदियों को और ज्यादा कड़ा कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया है जब अमेरिका ने जबरन मजदूरी और राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए चीन समेत कई देशों के खिलाफ नए व्यापार प्रतिबंध लागू किए हैं।

टैरिफ नीति पर आमने-सामने

यह तनातनी तब और बढ़ गई जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन और 50 से अधिक अन्य देशों पर नए टैरिफ लगाने का निर्णय लिया। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय व्यापार घाटे को संतुलित करने के लिए अनिवार्य है जिसे वे अनुचित मानते हैं। वहीं, चीन का कहना है कि अमेरिका की ये व्यापारिक नीतियां अंतरराष्ट्रीय नियमों के विपरीत हैं।

चीन के अधिकारों को नुकसान

चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने इन अमेरिकी कदमों की तीखी आलोचना की है। प्रवक्ता ने स्पष्ट कहा कि अमेरिका के ये हालिया फैसले चीन के जायज हितों और अधिकारों को सीधा नुकसान पहुंचा रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार, चीन के पास अपनी सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए जवाबी कदम उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है, जिसमें ड्रोन तकनीक और उनके महत्वपूर्ण पुर्जों के निर्यात पर कड़ा नियंत्रण लागू करना शामिल है।

ब्लैकलिस्ट में शामिल अमेरिकी कंपनियां

चीन द्वारा प्रतिबंधित की गई 6 अमेरिकी कंपनियों में जियोसाइंस रिसर्च से जुड़ी स्ट्रेटम रिजर्वोयर और बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र की एप्लाइड डीएनए साइंसेज जैसी प्रमुख फर्म शामिल हैं। इन प्रतिबंधों का असर यह होगा कि अब कोई भी चीनी नागरिक या स्थानीय संगठन इन कंपनियों के साथ किसी भी प्रकार का व्यापारिक लेन-देन, तकनीकी सहयोग या व्यावसायिक गतिविधि नहीं कर पाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले जुलाई में अमेरिका ने करीब 60 देशों पर टैरिफ का बोझ डाला था, जिसके तहत भारत पर भी 10 प्रतिशत का अतिरिक्त टैक्स लगाया गया था।

उइगर मुद्दे पर जारी टकराव

चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया कि ब्लैकलिस्ट में डाली गई इन 6 कंपनियों ने शिनजियांग क्षेत्र से जुड़े अमेरिकी प्रतिबंधों में सक्रिय भूमिका निभाई है। बीजिंग ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र ने शिनजियांग में उइगर अल्पसंख्यक समुदाय के मानवाधिकारों का मुद्दा कई बार उठाया है, हालांकि बीजिंग ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इसे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताया है।

https://www.indiatv.in/world/asia/china-us-trade-war-sanctions-drone-export-restrictions-blacklist-us-six-companies-2026-08-05-1235538