सफलता की एक अनोखी मिसाल
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के लिए सफलता का मार्ग अक्सर कठिन और चुनौतियों से भरा होता है। कई अभ्यर्थी दिन में 8 से 14 घंटे तक पढ़ाई करते हैं, फिर भी सफलता पाने के लिए उन्हें कई वर्षों का संघर्ष करना पड़ता है। हालांकि, बिहार के जमुई जिले के रहने वाले सचिन कुमार ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से एक अलग ही लकीर खींची है। सचिन जिस भी प्रतियोगी परीक्षा में बैठते हैं, उसमें अपनी सफलता का परचम लहरा देते हैं। उन्होंने अब तक अपने करियर में कुल 7 सरकारी नौकरियां हासिल की हैं। इसी क्रम में हाल ही में घोषित 70वीं BPSC के नतीजों में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता प्राप्त की है और अब वे SDM के पद पर अपनी सेवाएं देंगे।
रेलवे से प्रशासनिक सेवा तक का सफर
सचिन कुमार की शैक्षणिक और व्यावसायिक यात्रा काफी प्रेरणादायक रही है। इससे पहले वे भारतीय रेलवे में टेक्नीशियन के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने SSC CGL जैसी कठिन परीक्षा को भी उत्तीर्ण किया है। सचिन ने बताया कि उनकी अब तक की यात्रा में केंद्र सरकार के अंतर्गत 3 विभिन्न विभागों में नौकरी करने का अनुभव शामिल है। वे बताते हैं कि सफलता हासिल करने के लिए कोई एक विशेष मूल मंत्र नहीं होता, बल्कि यह निरंतरता और सही दिशा में की गई मेहनत का परिणाम है।
तैयारी की रणनीति और चुनौती
जब उनसे उनकी तैयारी की रणनीति के बारे में पूछा गया, तो सचिन ने बताया कि उन्होंने बहुत सीमित समय में यह उपलब्धि हासिल की है क्योंकि वे पहले से ही नौकरी में व्यस्त थे। बेगूसराय में राजस्व अधिकारी के रूप में काम करते हुए उन्हें पढ़ाई के लिए बहुत कम समय मिल पाता था। दिल्ली में पोस्टिंग के दौरान भी काम का बोझ अधिक होने के कारण वे प्रतिदिन केवल 5 से 6 घंटे ही पढ़ाई कर पाते थे। हालांकि, उन्होंने अपनी छुट्टियों के दिनों का पूरा लाभ उठाया और उन दिनों वे रोज करीब 7 से 8 घंटे तक गहन अध्ययन करते थे।
सचिन का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में BPSC का पैटर्न काफी बदल गया है। अब केवल सतही जानकारी के आधार पर इस परीक्षा को पास करना नामुमकिन है। इसके लिए अभ्यर्थियों को प्रत्येक विषय और टॉपिक का गहराई से अध्ययन करना अनिवार्य है।
सफलता के प्रमुख सूत्र
अपनी सफलता का श्रेय देते हुए सचिन ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए:
- पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र: सचिन के अनुसार, तैयारी के दौरान उन्होंने अपना सबसे अधिक ध्यान बीते वर्षों के प्रश्न पत्रों को हल करने में लगाया। इससे उन्हें परीक्षा का पैटर्न समझने में और संभावित प्रश्नों के स्तर का अंदाजा लगाने में काफी मदद मिली।
- प्रश्न पत्रों का अभ्यास: लगातार कई वर्षों के प्रश्न पत्र सॉल्व करने से उनकी तैयारी काफी मजबूत हुई।
- एकाग्रता: तैयारी के पूरे समय में उन्होंने पूरी तरह से एकाग्रचित्त रहने का प्रयास किया।
- टॉपर्स का मार्गदर्शन: उन्होंने सफल होने वाले टॉपर्स की रणनीतियों को फॉलो किया और उनके साक्षात्कार से प्रेरणा ली।
अगला लक्ष्य यूपीएससी
सचिन कुमार ने बताया कि उन्हें सिविल सेवा में आने की प्रेरणा टीना डाबी को देखकर मिली थी। उन्होंने बताया कि वे नियमित रूप से टॉपर्स के इंटरव्यू सुनते थे और वे जो सिलेबस बताते थे, उसे ही आधार बनाकर अपनी तैयारी को आगे बढ़ाते थे। इससे उन्हें पढ़ाई के दौरान काफी आसानी हुई और लक्ष्य पाने में मदद मिली। हालांकि, SDM बनने के बाद भी सचिन का सफर थमा नहीं है। उनका अगला और अंतिम लक्ष्य अब UPSC की परीक्षा पास करना है। वे वर्तमान में इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी तैयारी में जुटे हुए हैं और पूरे विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
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