राम मंदिर चंदा चोरी मामला: चंपत राय ने मानी अपनी गलती, बोले- शिकायत करने में हुई देरी

राम मंदिर चंदा चोरी के मामले में चंपत राय ने पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराया है। उन्होंने स्वीकार किया कि ट्रस्ट के स्तर पर कार्रवाई करने में उनसे देरी हुई और मामले की रिपोर्टिंग में चूक हुई है।

जांच की दिशा और पुलिस की कार्रवाई

अयोध्या में राम मंदिर को मिलने वाले दान की चोरी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस अब उन आरोपितों से जेल में पूछताछ करने की योजना बना रही है जो इस मामले में गिरफ्तार किए गए हैं। इसके लिए अदालत में औपचारिक आवेदन भी दाखिल कर दिया गया है। जैसे ही अदालत से अनुमति मिलेगी, पुलिस इन आरोपितों से आमने-सामने पूछताछ शुरू करेगी। इस पूरे मामले में ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे चुके चंपत राय के बयान भी पुलिस द्वारा दर्ज कर लिए गए हैं।

चंपत राय ने स्वीकार की चूक

जांच के दौरान चंपत राय ने कई अहम खुलासे किए। उन्होंने पुलिस को स्पष्ट तौर पर बताया कि ट्रस्ट को जून के शुरुआती सप्ताह में ही इस बात की जानकारी मिल गई थी कि दान की राशि में हेराफेरी हो रही है। ट्रस्ट के अधिकारियों ने अपने स्तर पर संज्ञान लेते हुए काफी मात्रा में नकदी बरामद की थी और आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। चंपत राय ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं इस पूरे मामले की शिकायत विशेष जांच दल यानी एसआईटी को दी थी। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि शिकायत दर्ज कराने में उनसे देरी हुई। उन्होंने स्वीकार किया कि, हां, ये मेरी गलती है कि इस मामले की समय पर शिकायत नहीं की गई, क्योंकि उस दौरान वे आंतरिक स्तर पर ही जांच करने में जुटे थे।

फुटेज और प्रशासनिक विफलता

चंपत राय ने 5 जून के उस घटनाक्रम का भी जिक्र किया, जब ट्रस्ट के लोग अविनाश शुक्ला के घर पहुंचे थे और वहां से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की गई थी। उनके अनुसार ट्रस्ट को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी पहले ही हो चुकी थी। इस मामले में जांचकर्ताओं का एक धड़ा यह मान रहा है कि चंपत राय एक बेहतर प्रशासक के रूप में सफल नहीं रहे हैं और उनकी कार्यप्रणाली में बड़ी लापरवाही बरती गई है।

बढ़ती जांच का दायरा

पुलिस केवल चंपत राय तक ही सीमित नहीं है, बल्कि गोपाल राय और अनिल मिश्रा सहित ट्रस्ट के कई अन्य सदस्यों की वित्तीय गतिविधियों की भी गहन जांच कर रही है। इन सभी के बैंक खातों और संपत्तियों का पूरा विवरण जुटाया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो पुलिस की पूछताछ के दौरान कई ऐसे सवाल थे, जिनका जवाब चंपत राय नहीं दे पाए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों समेत करीब 70 लोगों को नोटिस जारी किया है।

व्यवस्था और प्रबंधन की पड़ताल

जांच कर रही टीमें राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे के प्रबंधन, निगरानी की पुख्ता व्यवस्था, कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया और बैंकिंग लेनदेन की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। चंपत राय से मुख्य रूप से प्रशासनिक निर्णयों, चढ़ावे के प्रबंधन की व्यवस्था और कर्मचारियों को दी गई जिम्मेदारियों को लेकर तीखे सवाल किए गए हैं। साथ ही यह भी पूछा गया है कि पूर्व में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण समय पर क्यों नहीं किया गया।

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