जयपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
राजस्थान की राजधानी जयपुर में वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जवाहर सर्कल थाना पुलिस ने शहर में सक्रिय एक शातिर वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के मुख्य सरगना राकेश मीणा सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इस गिरोह के पकड़े जाने से वाहन चोरी के कई लंबित मामलों के सुलझने की उम्मीद है।
गिरोह के सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राकेश मीणा, हरिसिंह मीणा और फूलसिंह प्रजापत के रूप में हुई है। राकेश मीणा को इस गिरोह का सरगना बताया जा रहा है। पुलिस ने इनके पास से 11 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने तलाशी के दौरान बाइक्स के कई टायर, इंजन के हिस्से और अन्य महत्वपूर्ण पुर्जे भी जब्त किए हैं। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह बहुत ही शातिराना अंदाज में काम करता था।
चोरी का तरीका और अवैध व्यापार
प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि ये आरोपी शहर के विभिन्न इलाकों से मोटरसाइकिलें चुराने के बाद उन्हें ठिकाने लगाने का एक खास तरीका अपनाते थे। पकड़े जाने के डर से बचने के लिए, ये आरोपी चोरी की गई बाइक्स को अलग-अलग हिस्सों में तोड़ देते थे। इसके बाद, वे इन वाहनों के इंजन पार्ट्स, टायर और अन्य कीमती पुर्जों को खुले बाजार में अलग-अलग करके बेच देते थे। इस प्रक्रिया के कारण चोरी हुई गाड़ियों की पहचान करना पुलिस के लिए काफी कठिन हो जाता था।
विभिन्न क्षेत्रों में थी सक्रियता
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे जयपुर के कई प्रमुख थाना क्षेत्रों में सक्रिय थे। गिरोह ने अपने नेटवर्क को फैलाते हुए जवाहर सर्कल, बजाज नगर, शास्त्रीनगर, रामगंज और शिप्रापथ जैसे इलाकों से मोटरसाइकिलें चोरी करने की बात कबूली है। आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदलते रहते थे ताकि पुलिस की नजरों से बच सकें और संगठित तरीके से अपराधों को अंजाम दे सकें।
तकनीकी निगरानी से मिली कामयाबी
जयपुर पुलिस उपायुक्त (पूर्व) रंजीता शर्मा ने बताया कि इन अपराधियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने विशेष रणनीति अपनाई थी। इस गिरोह को पकड़ने के लिए पुलिस ने तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण और अपने मुखबिर तंत्र का बखूबी उपयोग किया। कड़ी मशक्कत और निरंतर निगरानी के बाद पुलिस टीम को इन्हें दबोचने में सफलता मिली।
आगे की जांच जारी
फिलहाल पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कुल कितनी गाड़ियां चोरी की हैं और इनके साथ इस अवैध नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग जुड़े हो सकते हैं। बरामद किए गए पुर्जों की बिक्री और इनके अवैध बाजार से जुड़े लोगों की भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह के पकड़े जाने के बाद जयपुर में वाहन चोरी की वारदातों में निश्चित रूप से कमी आएगी।
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