रेस्टोरेंट में ग्राहकों के हक
जब भी आप बाहर खाना खाने जाते हैं, तो कई बार रेस्टोरेंट प्रबंधन अपनी मनमानी करता है। अक्सर ग्राहकों को जबरन महंगे पानी की बोतल खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है या बिना बताए सर्विस चार्ज वसूल लिया जाता है। महाराष्ट्र एफडीए के नए नियमों के तहत अब ग्राहकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
पीने का पानी उपलब्ध कराना अनिवार्य
रेस्टोरेंट की पहली और सबसे बड़ी जिम्मेदारी ग्राहकों को पीने का स्वच्छ पानी मुफ्त में उपलब्ध कराना है। कोई भी रेस्टोरेंट आपको केवल बोतलबंद पानी खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। यदि वहां पानी का कोई फिल्टर या आरओ सुविधा मौजूद है, तो वह ग्राहकों को नि:शुल्क मिलना चाहिए।
सर्विस चार्ज और जीएसटी का स्पष्ट अंतर
अक्सर रेस्टोरेंट के बिल में सर्विस चार्ज जोड़ दिया जाता है, जिसे लेकर भ्रम की स्थिति रहती है। यह समझना जरूरी है कि सर्विस चार्ज स्वैच्छिक होता है और इसे देने के लिए ग्राहक को बाध्य नहीं किया जा सकता। वहीं दूसरी ओर, जीएसटी सरकार को दिया जाने वाला अनिवार्य कर है। यदि आपसे जबरदस्ती सर्विस चार्ज वसूला जा रहा है, तो आप इसका विरोध कर सकते हैं।
खाद्य सुरक्षा और मेन्यू में पारदर्शिता
रेस्टोरेंट को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि परोसा जाने वाला भोजन पूरी तरह सुरक्षित और स्वच्छ हो। इसके अलावा, मेन्यू कार्ड में दी गई जानकारी और कीमतों में पूर्ण पारदर्शिता होनी चाहिए। छिपे हुए शुल्क लगाकर ग्राहकों को भ्रमित करना नियमों के विरुद्ध है।
शिकायत कैसे करें
यदि कोई रेस्टोरेंट इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो आप संबंधित अधिकारियों से इसकी शिकायत कर सकते हैं। महाराष्ट्र एफडीए के दिशा-निर्देश स्पष्ट करते हैं कि ग्राहकों की संतुष्टि और उनके अधिकारों की रक्षा करना होटल व्यवसाय का अभिन्न हिस्सा है। अगली बार बाहर खाना खाते समय इन बातों का ध्यान रखें और किसी भी प्रकार की अनुचित वसूली होने पर आवाज उठाएं।
https://hindi.news18.com/videos/nation/estaurant-customer-rights-free-drinking-water-guidelines-10610256.html