मंदसौर जिले के गांधीसागर क्षेत्र में अचानक उभरी एक अज्ञात बीमारी ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। इलाके में एक के बाद एक लोग बीमार पड़ रहे हैं और अब तक करीब 68 संदिग्ध मरीजों की पहचान की जा चुकी है। सबसे चिंता की बात यह है कि अधिकांश मरीजों में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से गिर रही है, लेकिन प्रारंभिक जांच में न तो डेंगू की पुष्टि हुई है और न ही किसी सामान्य वायरल संक्रमण की।
बीमारी की प्रकृति स्पष्ट न होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया है। गांधीसागर के सेक्टर-3 और सेक्टर-8 में सामने आए इन मामलों ने स्थानीय निवासियों के बीच भी भय का माहौल बना दिया है।
मेडिकल टीम ने संभाला मोर्चा
लगातार बढ़ते मरीजों को देखते हुए भानपुरा से विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची। डॉ. वीरेंद्र वर्मा के नेतृत्व में पहुंची पांच सदस्यीय इस टीम ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया और रक्त के नमूने एकत्र किए। डॉक्टरों ने स्थानीय लोगों से बीमारी के लक्षण, उनके खानपान और आसपास के माहौल के बारे में भी विस्तार से जानकारी जुटाई।
68 में से 43 मरीजों की जांच
ब्लॉक मेडिकल अधिकारी डॉ. गौरव देराश्री के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने 68 संदिग्ध मरीजों को जांच के लिए बुलाया था, जिनमें से 43 लोग स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। इन सभी के रक्त नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी की असली प्रकृति और प्लेटलेट्स घटने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
डेंगू और वायरल की पुष्टि नहीं
स्वास्थ्य विभाग की शुरुआती जांच में अब तक न तो डेंगू और न ही सामान्य वायरल बुखार की पुष्टि हो पाई है। यही वजह है कि यह मामला विशेषज्ञों के लिए भी पहेली बन गया है। आमतौर पर प्लेटलेट्स में गिरावट डेंगू जैसे संक्रमणों में देखी जाती है, लेकिन यहां अलग तस्वीर सामने आने से जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है।
बीमारी का स्रोत खोजने में जुटा अमला
स्वास्थ्य विभाग की टीम सिर्फ मरीजों की जांच तक सीमित नहीं है। प्रभावित इलाकों में पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी हालात का भी अध्ययन किया जा रहा है। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं दूषित पानी, खाद्य पदार्थ, कोई संक्रमण या अन्य स्थानीय कारण तो इस बीमारी की जड़ में नहीं है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
विभाग ने क्षेत्र के निवासियों से विशेष सावधानी बरतने को कहा है। लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने, खुले में रखे खाद्य पदार्थों से परहेज करने, स्वच्छ पानी पीने और घरों के आसपास जलभराव न होने देने की हिदायत दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि मानसून से पहले इस तरह की एहतियात बेहद जरूरी है।
रिपोर्ट के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पूरे मामले की निगाहें लैब रिपोर्ट पर टिकी हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद ही बीमारी की वास्तविक वजह, संक्रमण की प्रकृति और उपचार की रणनीति स्पष्ट हो पाएगी। तब तक मेडिकल टीम क्षेत्र में लगातार निगरानी रख रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त स्वास्थ्य संसाधन भी मुहैया कराए जाएंगे।
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