हाथरस में विकास का नया दौर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को हाथरस के दौरे पर पहुंचे। यहाँ उन्होंने कुल 548 करोड़ रुपये की लोक-कल्याणकारी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रदेश के विकास की गति तभी तेज होती है जब यहाँ सुरक्षा का माहौल पूरी तरह से पुख्ता हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण वातावरण के बिना राज्य की आकांक्षाओं को पूरा करना संभव नहीं है। जिस जगह पर अराजकता, दंगों का साया और महीनों तक कर्फ्यू जैसे हालात हों, वहां भविष्य के निर्माण की कल्पना नहीं की जा सकती।
2017 से पहले की अराजकता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साल 2017 से पहले की स्थितियों को याद करते हुए पिछली सरकारों को घेरा। उन्होंने मथुरा के जवाहरबाग कांड, कोसी कला के दंगे, मेरठ, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर के दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि तब राज्य के हर जिले में ऐसी ही अस्थिरता व्याप्त थी। उस दौर में जनता महीनों तक कर्फ्यू की मार झेलती थी और आम नागरिक बुरी तरह त्रस्त रहता था।
सड़कों पर उपद्रव का अंत
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि वर्तमान सरकार में मोहर्रम के दौरान सड़कों पर होने वाला उपद्रव पूरी तरह से बंद हो गया है। उन्होंने कहा, पहले तलवारबाजी के नाम पर राहगीरों पर हमले किए जाते थे और ताजिया निकालने के नाम पर गरीबों की झोपड़ियां तक उजाड़ दी जाती थीं। उन्होंने बताया कि अब सरकार ने ऐसी व्यवस्था बनाई है कि ताजिया का आकार नियंत्रित रखा जाता है ताकि न तो किसी का छज्जा टूटे, न हाईटेंशन बिजली के तारों से कोई दुर्घटना हो और न ही किसी गरीब का घर हटाया जाए। मुख्यमंत्री ने इस बात पर संतोष जताया कि उत्तर प्रदेश में लगभग 12 हजार से अधिक जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज कहीं कोई उपद्रव नहीं है और हर त्यौहार को पूरे हर्षोल्लास के साथ शांतिपूर्वक मनाया जा रहा है।
बिना भेदभाव विकास की नीति
मुख्यमंत्री ने केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि हमारी सरकार बिना किसी भेदभाव के काम कर रही है। उन्होंने कहा कि न तो जाति, न क्षेत्र और न ही भाषा के आधार पर योजनाओं के वितरण में कोई पक्षपात किया जा रहा है। हर गरीब को मुफ्त राशन, आवास और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारों के दौरान रसोई गैस सिलेंडर का कनेक्शन लेने के लिए आम आदमी को दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती थीं, लेकिन अब स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं।
पहचान छिपाने का दौर खत्म
योगी ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के युवा प्रदेश से बाहर निकलने पर अपनी पहचान बताने में हिचकिचाते थे। हाथरस, अलीगढ़, कासगंज या एटा जैसे जिलों के लोग खुद को दिल्ली का निवासी बताते थे क्योंकि पिछली सरकारों ने राज्य की छवि को धूमिल कर दिया था। हर जिले में माफिया हावी थे, गरीबों का शोषण हो रहा था और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे आम बात थी। व्यापारियों और किसानों में डर का माहौल था। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। आज उत्तर प्रदेश माफिया-मुक्त, उपद्रव-मुक्त और कर्फ्यू-मुक्त राज्य बनकर देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है।
अखिलेश यादव पर कटाक्ष
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने वाले बयान पर योगी आदित्यनाथ ने तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राम भक्तों पर गोलियां चलवाने वाली सरकार के मुखिया अब अयोध्या की चिंता कर रहे हैं। योगी ने तंज कसते हुए कहा कि आज जब प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में अयोध्या त्रेता युग की याद दिला रही है, तब अखिलेश को यह सब याद आ रहा है। उन्होंने कहा कि उनके समय में थानों और जेलों के भीतर तक कृष्ण जन्माष्टमी मनाने पर रोक थी और कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित थी। योगी ने कहा कि आज हाथरस में 22 से ज्यादा मंदिरों का सुंदरीकरण हो रहा है, जो पहले कभी संभव नहीं था क्योंकि उस समय पैसा मंदिरों के बजाय कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल पर खर्च किया जाता था। अंत में उन्होंने अखिलेश यादव को सलाह दी कि वे राजनीति छोड़ने के बजाय एक बार रामलला के दर्शन कर लें, जिससे उन्हें सदबुद्धि मिल सके।
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