ममता बनर्जी को बड़ा झटका, करीबी नेता कृष्णा चक्रवर्ती ने मेयर पद से दिया इस्तीफा

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के संकट के बीच ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली कृष्णा चक्रवर्ती ने बिधाननगर म्युनिसिपैलिटी के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले फिरहाद हकीम भी कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा दे चुके हैं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस समय अपने राजनीतिक जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रही हैं। 28 साल पुरानी उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस एक हार के बाद बिखरती नजर आ रही है। पार्टी के 80 में से 60 विधायकों ने अलग राह पकड़ ली है और इस बागी गुट को विधानसभा अध्यक्ष से मान्यता भी मिल चुकी है। इस पूरे बागी खेमे की अगुवाई ऋतब्रत बनर्जी कर रहे हैं, जिनके खिलाफ टीएमसी ने 2 दिन पहले ही कार्रवाई की थी। अब उसी नेता ने ममता बनर्जी के साथ सबसे बड़ा सियासी दांव खेल दिया है। इसी उठापटक के बीच पार्टी के कई करीबी नेता उनका साथ छोड़ते जा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, अब कृष्णा चक्रवर्ती ने बिधाननगर म्युनिसिपैलिटी के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है।

इस्तीफे की वजह क्या रही

सामने आई जानकारी के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली नेता कृष्णा चक्रवर्ती ने निजी कारणों का हवाला देते हुए मेयर पद छोड़ने का फैसला किया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले ममता बनर्जी के एक और करीबी नेता फिरहाद हकीम ने भी बुधवार को कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया था। वह साल 2018 से ही कोलकाता के मेयर पद पर बने हुए थे।

ऋतब्रत बनर्जी ने तोड़ दी टीएमसी

तृणमूल कांग्रेस के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने ही ममता बनर्जी के साथ यह सबसे बड़ा सियासी खेल किया है। एक दौर में ऋतब्रत बनर्जी ममता बनर्जी के सबसे करीबी और वफादार नेताओं में सबसे आगे गिने जाते थे। पूरा विवाद नेता विपक्ष चुनने के प्रस्ताव पर फर्जी हस्ताक्षर के आरोपों से शुरू हुआ। इस पर सवाल उठाने पर ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इसके बाद ऋतब्रत ने महज 2 दिन के भीतर पूरी पार्टी में सेंध लगा दी। उन्होंने 58 विधायकों यानी दो-तिहाई से अधिक का समर्थन जुटाकर ममता बनर्जी को उनके राजनीतिक करियर का सबसे बुरा दिन दिखा दिया।

17 मुस्लिम विधायकों ने दिया ममता को झटका

बताया जा रहा है कि टीएमसी के बिखराव की सबसे बड़ी वजह अभिषेक बनर्जी को माना जा रहा है। टीएमसी विधायक अरुनवा सेन का कहना है कि उन्हें अभिषेक की तानाशाही से दिक्कत है। उनके अनुसार ममता दीदी आज भी उनकी नेता हैं, लेकिन ज्यादातर विधायक अभिषेक से नाराज हैं। पार्टी में बगावत हुई तो टीएमसी को सबसे बड़ी चोट मुस्लिम विधायकों ने पहुंचाई। जो मुस्लिम विधायक ममता बनर्जी की ताकत समझे जाते थे, उनमें से 17 सीटिंग विधायकों ने उनका साथ छोड़ दिया और ऋतब्रत के खेमे में चले गए। इन्हीं में से एक विधायक अखरुज्जमा को ऋतब्रत ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है और उन्हें चीफ व्हिप बनाया है।

https://www.indiatv.in/west-bengal/west-bengal-mamata-banerjee-close-leader-krishna-chakraborty-resigned-from-post-of-mayor-of-bidhannagar-municipality-2026-06-04-1223012