जाल जीवन मिशन की कछुआ चाल, मांडावास गांव के लोग दो साल से पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान

राजस्थान के पाली जिले के मांडावास गांव में जल जीवन मिशन का काम बीते दो साल से अधर में लटका है, जिससे ग्रामीण पीने के पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं।

अधूरी परियोजना से ग्रामीणों का जीना हुआ मुहाल

राजस्थान के पाली जिले की रोहट तहसील का मांडावास गांव इन दिनों भारी जल संकट से गुजर रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत यहां पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू किया गया था, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी यह काम पूरा नहीं हो सका है। आलम यह है कि सरकारी दावे और कागजी योजनाएं गांव के लोगों की प्यास बुझाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही हैं।

पानी के लिए लंबी दूरी तय करने को मजबूर ग्रामीण

ग्रामीणों का कहना है कि योजना की घोषणा के वक्त उन्हें उम्मीद जगी थी कि अब उनके घरों तक नल से साफ पानी पहुंचेगा, लेकिन हकीकत में उन्हें अब भी पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बाद मानसून के मौसम में भी पानी की किल्लत कम नहीं हुई है। मजबूरन कई परिवारों को मीलों दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें हर दिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

प्रशासन से काम में तेजी लाने की गुहार

स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पाइपलाइन का काम अधूरा छोड़ दिए जाने से गांव में जलापूर्ति का सपना अधूरा ही रह गया है। अब ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस लंबित कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि उन्हें नियमित रूप से पीने का पानी मिल सके। जल जीवन मिशन का मूल उद्देश्य हर घर को स्वच्छ जल पहुंचाना है, लेकिन मांडावास गांव में यह मिशन अभी भी धरातल पर उतरने का इंतजार कर रहा है।

https://hindi.news18.com/news/rajasthan/pali-ground-report-rohat-mandawas-village-water-crisis-jal-jeevan-mission-pipeline-stuck-pali-news-local18-10609296.html