मोतिहारी: भूमि परिमार्जन में धांधली करने वाला राजस्व कर्मचारी सस्पेंड, डीएम ने लिया सख्त एक्शन

पूर्वी चंपारण में जिलाधिकारी ने भूमि परिमार्जन पोर्टल पर गड़बड़ी करने वाले राजस्व कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोपी कर्मचारी पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप हैं और 15 दिनों के भीतर विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन का कड़ा रुख

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में प्रशासनिक सख्ती का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिला प्रशासन ने भ्रष्टाचार और सरकारी कार्यों में गंभीर लापरवाही बरतने के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मोतिहारी के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने सदर अंचल में तैनात एक राजस्व कर्मचारी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से जिले के अन्य अंचल कार्यालयों में खलबली मच गई है।

अनियमितता का खुलासा

जिलाधिकारी की ओर से की गई जांच में यह पाया गया कि राजस्व कर्मचारी कृष्णा कुमार श्रीवास्तव ने भूमि परिमार्जन पोर्टल पर दर्ज आवेदनों के निष्पादन में भारी अनियमितता बरती है। जांच के दौरान तीन प्रमुख आवेदनों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया, जिनके नंबर 260274934263404, 250238472752297 और 250289322751071 हैं। इन मामलों की समीक्षा करने पर स्पष्ट हुआ कि कर्मचारी ने भू-हदबंदी रोक सूची से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज करते हुए गलत अनुशंसाएं की थीं।

हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी

जांच प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन भूमि संबंधी मामलों को लेकर पटना हाईकोर्ट में सीडब्ल्यूजेसी संख्या 13711/2024 के तहत मामला चल रहा था, जिस पर 16 मई 2025 को अदालत अपना आदेश पारित कर चुकी थी। अदालत के स्पष्ट आदेश और दिशा-निर्देशों के बावजूद कर्मचारी द्वारा की गई अनुशंसा उसकी संदिग्ध मंशा को दर्शाती है। जिलाधिकारी ने इसे सीधे तौर पर कर्तव्यहीनता, अकर्मण्यता और अनुशासनहीनता का मामला माना है।

कानूनी उल्लंघन और निलंबन

आरोपी राजस्व कर्मचारी का कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3(1) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की मूल भावना के पूरी तरह विपरीत पाया गया है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के बाद जिलाधिकारी ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। निलंबन की पूरी अवधि के दौरान कृष्णा कुमार श्रीवास्तव का मुख्यालय अरेराज अंचल कार्यालय तय किया गया है।

अगली प्रक्रिया और विभागीय कार्रवाई

जिलाधिकारी ने मोतिहारी के सदर अंचलाधिकारी को सख्त निर्देश दिए हैं कि आरोपी कर्मचारी के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार किया जाए। नियम के अनुसार, 15 दिनों के भीतर विभागीय कार्रवाई का पूरा प्रस्ताव पूर्वी चंपारण के समाहर्ता के माध्यम से भेजना अनिवार्य होगा। हालांकि, प्रशासनिक नियमों के तहत आरोपी कर्मचारी को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-10(3) के प्रावधानों के अंतर्गत जीवन-निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी किसी भी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा।

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