मध्य प्रदेश के गुना जिले से एक किसान के जहर खाकर आत्महत्या करने का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। आरोन थाना क्षेत्र के ग्राम बरोद में 35 वर्षीय किसान अशोक यादव ने पुलिस और प्रशासन की कथित संवेदनहीनता से आहत होकर जहरीला पदार्थ खा लिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां गुरुवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
किसान को न्याय दिलाने और दोषी पुलिसकर्मियों तथा आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शहर के सबसे व्यस्त हनुमान चौराहे पर चक्का जाम कर दिया।
आधे घंटे तक थमे रहे पहिए
हनुमान चौराहे पर करीब आधे घंटे तक लगे इस जाम के कारण चारों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। परिजनों के उग्र प्रदर्शन और नारेबाजी के बीच अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया, जिसके बाद ही बमुश्किल जाम खुलवाया जा सका।
थाने से डांटकर भगाने और रिश्वतखोरी के आरोप
चक्का जाम कर रहे मृतक किसान के परिजनों और भाई संजीव यादव ने पुलिस-प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस रसूखदारों से सांठगांठ कर अन्याय करने वालों का साथ दे रही है और उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई।
मृतक के भाई ने बताया कि मारपीट और फसल उजाड़ने की शिकायत लेकर वे एक दिन पहले भी आरोन थाने गए थे, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने मदद करने के बजाय उल्टा उन्हें डांट-फटकार कर थाने से भगा दिया। इसी उपेक्षा और अपमान से बुरी तरह आहत होकर अशोक ने घर के बाहर आकर जहरीला पदार्थ निगल लिया। जहर खाने से पहले भी उसने पुलिस से अपनी सुरक्षा और न्याय के लिए लिखित गुहार लगाई थी।
क्या है पूरा विवाद?
परिजनों के अनुसार, पूरा विवाद खेत की मेड़ और जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश को लेकर चल रहा था। आरोप है कि लगभग दो दर्जन लोगों ने मिलकर अशोक को घर से जबरन उठाया और बेरहमी से मारपीट की।
इस संघर्ष में कल्याण सिंह, इंद्रभान, घनश्याम, अंकेश, आदित्य, मुन्ना, राजेश और धर्मवीर सहित कई अन्य लोग शामिल बताए गए हैं। परिजनों का कहना है कि इससे पहले भी इन आरोपियों ने जानबूझकर मवेशियों को खेत में घुसाकर अशोक की गन्ने की खड़ी फसल को पूरी तरह तहस-नहस करवा दिया था। तब भी पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटकता रहा, लेकिन पुलिस ने एक न सुनी।
अस्पताल में तोड़ा दम, पुलिस की सफाई
बुधवार शाम करीब 4 बजे घर पर जहर खाने के बाद अशोक को पहले आरोन और फिर गंभीर हालत में गुना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां गुरुवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस मामले में राघौगढ़ एसडीओपी दीपा डोडवे का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच करीब 10 दिन पहले मेड़ को लेकर विवाद हुआ था, जिस पर पुलिस ने प्रतिबंधात्मक और एनसीआर की कार्रवाई की थी। उन्होंने बताया कि पैर में फ्रैक्चर की बात मेडिकल दस्तावेजों में सामने नहीं आई थी। फिलहाल मर्ग कायम कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की निष्पक्षता से बारीकी से जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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