फुटबॉल के दीवानों का इंतजार अब खत्म होने वाला है, क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजन फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 11 जून से होने जा रहा है। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में होने वाला यह टूर्नामेंट इस बार और भी भव्य रूप में सामने आएगा, क्योंकि इतिहास में पहली बार इसमें 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं।
सबसे पहला फीफा वर्ल्ड कप साल 1930 में खेला गया था। तब से लेकर अब तक इस टूर्नामेंट में अनगिनत रिकॉर्ड बने और टूटे, लेकिन कुछ कारनामे ऐसे भी हैं जो समय की कसौटी पर खरे उतरते हुए 'अटूट' बन चुके हैं। फीफा के 96 साल से ज्यादा पुराने इतिहास में ऐसे कई कीर्तिमान दर्ज हैं जिनकी आज तक कोई बराबरी तक नहीं कर सका।
जैसे-जैसे नए दौर के सितारे मैदान पर अपना हुनर दिखाने को तैयार हो रहे हैं, वैसे-वैसे फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें इतिहास के पन्नों पर भी जमी हुई हैं। आइए, टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले नजर डालते हैं फीफा वर्ल्ड कप के ऐसे ही कुछ ऐतिहासिक और बेमिसाल रिकॉर्ड्स पर, जिनका टूटना लगभग नामुमकिन माना जाता है।
हकन सुकुर का पलक झपकते ही दागा गोल
तुर्की के पूर्व स्ट्राइकर हकन सुकुर के नाम फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास का सबसे तेज गोल दागने का अविश्वसनीय रिकॉर्ड दर्ज है। यह कमाल उन्होंने साल 2002 के वर्ल्ड कप में साउथ कोरिया के खिलाफ तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में कर दिखाया था।
मैच शुरू होने की सीटी बजी ही थी कि साउथ कोरिया के डिफेंडर्स से हुई एक गलती का फायदा उठाते हुए सुकुर ने महज 10.89 सेकंड में गेंद को जाल में पहुंचा दिया। मौजूदा दौर के बेहद रक्षात्मक और आधुनिक फुटबॉल को देखते हुए इस रिकॉर्ड को तोड़ पाना लगभग असंभव माना जाता है।
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