गिरोह के सदस्यों का बैकग्राउंड
मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जिसमें शामिल तीन युवक पढ़ी-लिखी पृष्ठभूमि से आते हैं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में एक ने आईटीआई की पढ़ाई की है, जबकि दूसरा स्नातक (बीए) पास करने के बाद एसएससी की तैयारी में जुटा था। तीसरा आरोपी 12वीं पास है। ये लोग मेरठ से कम कीमत पर अवैध हथियार खरीदकर मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में मांग के अनुसार सप्लाई कर रहे थे। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि अवैध हथियारों की अधिक मांग के कारण इसमें उन्हें अच्छी कमाई हो रही थी, जिसके चलते वे इस काम में उतरे थे।
चेकिंग के दौरान पकड़े गए आरोपी
भोपा थाना पुलिस बुधवार रात को संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान ककराला रजवाहे की पुलिया के पास पुलिस ने एक स्कूटी को रुकवाया। स्कूटी पर सवार तीन युवकों की तलाशी लेने पर 10 अवैध तमंचे और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने तीनों आरोपियों रोहित, निखिल और विकास भाटी को गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी मेरठ के निवासी बताए जा रहे हैं।
मुनाफे का खेल
पुलिस पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि ये आरोपी मेरठ से प्रति तमंचा 5 हजार रुपये में खरीदते थे और उसे अन्य जिलों में 7 हजार रुपये में बेच देते थे। इस तरह हर एक अवैध हथियार को बेचने पर उन्हें करीब 2 हजार रुपये का मुनाफा होता था।
एसपी ग्रामीण ने दी जानकारी
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए एसपी ग्रामीण अक्षय संजय महाड़िक ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के तहत वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान 10 अवैध तमंचे, 15 जिंदा कारतूस और एक स्कूटी के साथ इन तीनों को पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि आरोपियों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल, इन तीनों का कोई पुराना आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है। आरोपियों के खिलाफ कानून की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
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