संघर्षों से लद्दाख के DGP तक का सफर: IPS आनंद जैन की प्रेरणादायक कहानी

मध्य प्रदेश के एक छात्र से लेकर लद्दाख के पुलिस महानिदेशक बनने तक, आनंद जैन की कामयाबी उन सभी के लिए नजीर है जो आर्थिक तंगी के बावजूद अपने लक्ष्यों को पूरा करना चाहते हैं।

सपनों के आगे हार गई तंगी

जीवन में कई बार आर्थिक परेशानियां लोगों को अपने लक्ष्यों से समझौता करने के लिए मजबूर कर देती हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो मुश्किल हालात के बावजूद अपनी राह खुद बनाते हैं। मध्य प्रदेश के आनंद जैन का सफर कुछ ऐसा ही है। सीमित संसाधनों में रहकर तैयारी करने वाले आनंद जैन ने न केवल UPSC की परीक्षा पास की, बल्कि आज वे लद्दाख के पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद पर तैनात हैं।

प्रारंभिक जीवन और UPSC का सफर

आनंद जैन मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा बुरहानपुर के नेहरू मॉन्टेसरी स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने रायपुर से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। साल 1995 में वे दिल्ली पहुंचे, ताकि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर सकें। उस दौर में दिल्ली में रहकर कोचिंग और पढ़ाई का खर्च उठाना उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री भी हासिल की और कड़ी मेहनत के बल पर वर्ष 1999 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 89वीं रैंक पाकर IPS अधिकारी बनने का सपना साकार किया।

लद्दाख के DGP के रूप में नई जिम्मेदारी

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आनंद जैन को लद्दाख का नया पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया है। इससे पहले वे जम्मू-कश्मीर सशस्त्र पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (ADGP) के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। उन्होंने 2012 बैच के अधिकारी केके शर्मा का स्थान लिया है, जिन्हें मई 2026 में पूर्व DGP मुकेश सिंह के मणिपुर स्थानांतरण के बाद अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।

लंबा और शानदार पुलिस करियर

आनंद जैन ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। उनके प्रमुख पदों में शामिल हैं:

  • SP ईस्ट श्रीनगर
  • SSP जम्मू
  • DIG राजौरी-पुंछ
  • निदेशक सतर्कता आयोग
  • निदेशक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) जम्मू-कश्मीर

उनकी प्रशासनिक दक्षता और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की क्षमता के कारण उन्हें कई बड़े सम्मान भी मिले हैं, जिनमें पुलिस पदक (वीरता), पुलिस पदक (मेधावी सेवा) और राष्ट्रपति पुलिस पदक (विशिष्ट सेवा) शामिल हैं।

युवाओं के लिए मिसाल

बुरहानपुर के एक साधारण छात्र से लेकर देश के वरिष्ठ IPS अधिकारी बनने तक का आनंद जैन का सफर यह संदेश देता है कि सफलता पाने के लिए परिस्थितियों से ज्यादा दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। आज वे उन लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा हैं जो विपरीत हालातों के बीच अपने सुनहरे भविष्य की तलाश कर रहे हैं।

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