अवैध अस्पतालों के खिलाफ प्रशासन का कड़ा एक्शन
पूर्वी चंपारण जिले के चकिया अनुमंडल में प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं में चल रही बड़ी अनियमितताओं का भंडाफोड़ किया है। अनुमंडल पदाधिकारी शिवानी शुभम के नेतृत्व में की गई इस छापेमारी में दो निजी अस्पतालों को सील कर दिया गया है। जिन अस्पतालों पर कार्रवाई हुई है उनमें व्यापार मंडल स्थित लाल गोपाल क्लिनिक और पुराना बाइपास स्थित संजीवनी चाइल्ड केयर शामिल हैं।
बंद कमरे में अकेले मिला नवजात
छापेमारी के दौरान प्रशासन को उस समय भारी हैरानी हुई जब उन्हें व्यापार मंडल के पास एक बंद भवन के भीतर से बच्चे के रोने की आवाज आई। भवन बाहर से पूरी तरह बंद था, लेकिन अंदर से बच्चे की चीखें लगातार आ रही थीं। बच्चे की जान बचाने के लिए अधिकारियों ने तत्काल ताला तोड़कर प्रवेश किया। अंदर का दृश्य बेहद परेशान करने वाला था, जहाँ एक नवजात शिशु वार्मर पर अकेला पड़ा था और वहां उसका ख्याल रखने के लिए कोई भी डॉक्टर या नर्स मौजूद नहीं थी।
अस्पताल संचालकों की लापरवाही और मिलीभगत
जांच में पता चला कि मौके से मिले पर्चे पर डॉ. पी. कुमार और डॉ. के.के. पाठक का नाम दर्ज था, लेकिन परिजनों ने इन डॉक्टरों से कभी मिलने से इनकार किया है। परिजनों ने बताया कि अस्पताल का संचालन सुजीत कुमार नाम का व्यक्ति कर रहा था, जो पहले भी अवैध अल्ट्रासाउंड के मामले में जेल जा चुका है।
संजीवनी चाइल्ड केयर में भी मिली बदहाली
प्रशासनिक टीम ने इसके बाद संजीवनी चाइल्ड केयर की जांच की। वहां भी हालत चिंताजनक मिली, जहां बिना किसी चिकित्सा स्टाफ के 4 बच्चों को NICU वार्ड में छोड़ दिया गया था। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन सभी को तुरंत सदर अस्पताल स्थानांतरित कर दिया गया है। प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान निम्नलिखित उपकरण जब्त किए हैं:
- अल्ट्रासाउंड मशीन
- वार्मर
- ऑक्सीजन सिलेंडर
- अन्य चिकित्सा उपकरण
फिलहाल दोनों अस्पतालों को सील कर दिया गया है और संबंधित डॉक्टरों व संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई ने जिले में बिना मानकों के चल रहे निजी अस्पतालों की पोल खोल दी है।
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