ओपन फॉर सेल के जरिए सरकार की बड़ी कमाई, 8 सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेच जुटाए 25,490 करोड़

केंद्र सरकार ने साल 2026 में अब तक 8 सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचकर 25,490 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं, जो पिछले 11 वर्षों में ओएफएस रूट के माध्यम से हुई सबसे बड़ी बिक्री है।

11 साल में सबसे बड़ी विनिवेश प्रक्रिया

ईरान युद्ध के कारण उपजे भूराजनैतिक तनाव और सरकारी खजाने पर बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने ओपन फॉर सेल यानी ओएफएस के जरिए फंड जुटाने की रफ्तार तेज कर दी है। साल 2026 के शुरुआती 6 महीनों में ही सरकार ने 8 सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर 25,490 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया है। यह उपलब्धि साल 2015 के बाद से ओएफएस के जरिए जुटाई गई अब तक की सबसे बड़ी राशि है।

क्यों जरूरी थी यह बिक्री

इस बिक्री से प्राप्त राशि का मुख्य रूप से उपयोग कच्चे तेल की महंगी कीमतों के भुगतान के लिए किया जा रहा है। वैश्विक तनाव के चलते सरकार पर आयात बिलों का भारी दबाव बना हुआ है। तुलनात्मक रूप से देखें तो साल 2015 में सरकार ने 5 लिस्टेड कंपनियों के जरिए 35,291 करोड़ रुपये जुटाए थे, जबकि इस बार 8 कंपनियों के माध्यम से यह आंकड़ा 25,491 करोड़ रुपये के करीब पहुंचा है।

निजी क्षेत्र की कंपनियों का भी रहा रुझान

ओएफएस के जरिए केवल सरकारी कंपनियां ही नहीं, बल्कि निजी क्षेत्र की कंपनियों ने भी बाजार से पूंजी जुटाई है। साल 2026 में अब तक कुल 24 लिस्टेड कंपनियों ने इस रूट का इस्तेमाल करके 29,445 करोड़ रुपये एकत्रित किए हैं। यह आंकड़ा साल 2024 में 28 कंपनियों द्वारा जुटाए गए 30,178 करोड़ रुपये के कुल योग के काफी करीब है।

इन सरकारी कंपनियों ने बेची हिस्सेदारी

जिन प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों ने इस साल ओएफएस प्रक्रिया अपनाई है, उनमें शामिल हैं:

  • भेल
  • इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC)
  • सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
  • कोल इंडिया
  • एनएचपीसी
  • एनसीएल इंडिया
  • जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन

इसके साथ ही निजी क्षेत्र से ईस्‍ट इंडिया ड्रम एंड बैरल, ईस्‍टर्न सिल्‍क इंडस्‍ट्रीज, स्‍वान डिफेंस एंड हैवी इंडस्‍ट्रीज, एचएमए एग्रो इंडस्‍ट्रीज और स्ट्रिंग मेटावर्स जैसी कंपनियों ने भी बाजार से धन जुटाया है।

शेयरों के प्रदर्शन का हाल

ओएफएस के बाद अधिकांश सरकारी कंपनियों के शेयरों में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। हालांकि, भेल का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा है, जिसके शेयरों में बिक्री के बाद से 62 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया है। अन्य कंपनियों की स्थिति इस प्रकार रही:

  • कोल इंडिया: 9 फीसदी की तेजी
  • एनएचपीसी: 9 फीसदी की तेजी
  • सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया: 6 फीसदी की तेजी
  • जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन: 4 फीसदी की तेजी
  • एनसीएल इंडिया: 1 फीसदी की तेजी
  • आईआरएफसी: 3 फीसदी की गिरावट

https://hindi.news18.com/news/business/latest-government-raised-rs-25491-crore-via-ofs-route-in-psus-highest-since-2015-10601334.html