सोहना की पीर कॉलोनी में चला बुलडोजर, करीब 250 करोड़ की जमीन कराई गई कब्जा मुक्त, 8 घंटे चली कार्रवाई

गुरुग्राम के सोहना स्थित पीर कॉलोनी में अदालत के आदेश पर प्रशासन ने पर्यटन विभाग की जमीन पर बने करीब 250 अवैध मकान ध्वस्त किए। इस कार्रवाई से करीब साढ़े नौ एकड़ भूमि, जिसकी कीमत लगभग 250 करोड़ रुपये आंकी गई है, अतिक्रमण से मुक्त कराई गई।

हरियाणा के गुरुग्राम जिले के सोहना स्थित पीर कॉलोनी में बुधवार को लंबे इंतजार और करीब आठ घंटे तक चली प्रशासनिक तैयारियों के बाद आखिरकार अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया गया। पर्यटन विभाग की जिस भूमि पर वर्षों से मकान और दूसरे निर्माण खड़े थे, उन्हें प्रशासन ने अदालत के आदेशों के अनुपालन में ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की।

प्रशासन के अनुसार करीब साढ़े नौ एकड़ भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा रहा है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 250 करोड़ रुपये बताई जा रही है। कार्रवाई से पहले क्षेत्र में मुनादी कराकर लोगों को मकान खाली करने की चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद अधिकांश परिवार अपना सामान निकालकर दूसरी जगहों पर चले गए।

घरों से सामान समेटते दिखे प्रभावित परिवार

चेतावनी मिलने के बाद कई लोग न सिर्फ घरेलू सामान बल्कि मकानों में लगे दरवाजे, खिड़कियां, सरिया, गार्डर और अन्य उपयोगी सामग्री भी स्वयं निकालते नजर आए। प्रभावित परिवार अपना सामान वाहनों में भरकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाते दिखे, जबकि क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा रही।

सुबह से शाम तक बनी रही अनिश्चितता

कार्रवाई के लिए बुधवार सुबह आठ बजे का समय निर्धारित किया गया था, इसी के मद्देनजर सुबह से ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई थी। सोहना के देवीलाल स्टेडियम में सैकड़ों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, जबकि एक दर्जन से अधिक जेसीबी मशीनें, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां, एंबुलेंस और अन्य आवश्यक संसाधन भी तैयार रखे गए।

हालांकि विभिन्न स्तरों पर चल रही चर्चाओं और गतिरोध के कारण कार्रवाई तत्काल शुरू नहीं हो सकी। करीब आठ घंटे तक अनिश्चितता बनी रही और अंततः शाम के समय प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल के साथ पीर कॉलोनी पहुंची, जहां अवैध निर्माणों को हटाने का काम प्रारंभ हुआ।

करीब 250 मकानों पर चला पीला पंजा

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार पीर कॉलोनी में लगभग 250 मकान और अन्य निर्माण बने हुए थे, जो सभी पर्यटन विभाग की भूमि पर अवैध रूप से किए गए थे। यहां कई परिवार वर्षों से रह रहे थे। कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवार अपना सामान समेटकर सुरक्षित ठिकानों की ओर बढ़ते दिखाई दिए।

अदालत के फैसले के बाद हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार पीर कॉलोनी के निवासियों ने अपने आशियानों को बचाने के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और पर्यटन विभाग की भूमि पर बने मकानों को न तोड़े जाने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। हालांकि अदालत ने पर्यटन विभाग के पक्ष में फैसला सुनाते हुए अवैध कब्जों को हटाने का रास्ता साफ कर दिया।

इसके अलावा कॉलोनीवासियों ने विभिन्न जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक नेताओं से भी हस्तक्षेप की मांग की थी। सूत्रों की मानें तो कुछ प्रभावित लोग चंडीगढ़ पहुंचकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मिले थे और अपने मकान बचाने की गुहार लगाई थी, लेकिन अदालत के आदेशों के चलते प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी।

प्रशासन ने बताया कानूनी अभियान

कार्रवाई के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी आर.एस. भट्ट ने कहा कि यह अभियान न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन विभाग की भूमि पर किए गए सभी निर्माण अवैध हैं और उन्हें पूरी तरह हटाया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना और न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना है।

भारी सुरक्षा के बीच पूरा हुआ अभियान

किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में जेसीबी मशीनों के जरिए एक-एक कर अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। इस दौरान फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और आपातकालीन सेवाओं की टीमें भी पूरे समय सतर्क रहीं।

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