राम नगरी में नया आध्यात्मिक केंद्र
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पास अब श्रद्धालुओं के लिए एक नया आकर्षण जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद, यहाँ माता सीता को समर्पित एक विशेष 'सीता गैलरी' या 'वैदेही आर्ट गैलरी' बनाने की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य आने वाले तीर्थयात्रियों को माता सीता के त्याग, तपस्या, नारी गरिमा और मिथिला संस्कृति के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराना है।
राम मंदिर से कितनी होगी दूरी
अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से तैयार किए गए मास्टर प्लान के मुताबिक, यह गैलरी राम मंदिर से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित वशिष्ठ भवन परिसर में बनाई जाएगी। मंदिर के दर्शन करने के बाद श्रद्धालु बहुत ही कम समय और दूरी तय करके इस गैलरी तक आसानी से पहुँच सकेंगे।
आधुनिक तकनीक और बजट
इस पूरी परियोजना पर लगभग 25 से 30 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। सीता गैलरी को आम गैलरी की तरह नहीं, बल्कि एक आधुनिक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार होंगी:
- माता सीता के जन्म से लेकर विवाह, वनवास और उनके जीवन के कठिन संघर्षों का चित्रण।
- अत्याधुनिक डिजिटल डिस्प्ले और ऑडियो-विजुअल माध्यमों का उपयोग।
- लाइट एंड साउंड शो के जरिए रामायण के विभिन्न प्रसंगों की प्रस्तुति।
- इंटरएक्टिव माध्यमों से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और नारी आदर्शों से जोड़ना।
- मिथिला की प्रसिद्ध लोक कला, संस्कृति और विवाह परंपराओं का प्रदर्शन।
सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण
अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराग जैन के अनुसार, यह स्थल केवल एक इमारत नहीं होगा, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक केंद्र के रूप में काम करेगा। यह केंद्र आने वाले पर्यटकों को माता सीता के जीवन मूल्यों और उनके त्याग को करीब से समझने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा। सरकार का प्रयास है कि राम मंदिर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को एक समग्र आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त हो सके।
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