परिजनों और ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। जयसिंहपुर के आलमपुर स्थित डीएवी स्कूल के 11वीं कक्षा के छात्र अनी (16) ने अपने किराये के कमरे में फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना सोमवार देर रात की है, जब माता-पिता गहरी नींद में सोए हुए थे। मंगलवार सुबह जब परिजनों को इस खौफनाक घटना का पता चला, तो पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया। इस घटना के विरोध में परिजनों, ग्रामीणों और अन्य अभिभावकों ने स्कूल परिसर में भारी हंगामा किया और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है।
पुलिस ने प्रिंसिपल को लिया हिरासत में
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। लंबागांव पुलिस ने कार्रवाई करते हुए स्कूल के प्रिंसिपल को हिरासत में ले लिया है और बाद में उन्हें सुजानपुर पुलिस को सौंप दिया गया। इस संबंध में सुजानपुर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। मूल रूप से भलूंदर गांव का रहने वाला अनी अपने माता-पिता के साथ पटलांदर में किराये के मकान में रहता था। उसके पिता बंटी एक निजी कंपनी में सेल्समैन के तौर पर कार्यरत हैं और मां एक बुटीक चलाती हैं।
सुसाइड नोट में छलका दर्द
छात्र की जेब से बरामद सुसाइड नोट ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अनी ने 22 जून को लिखे इस नोट में अपनी मौत के लिए सीधे तौर पर डीएवी स्कूल को जिम्मेदार ठहराया है। उसने लिखा:
मैं अनी 22 जून को अपनी मर्जी से मरने जा रहा हूं। मैं डीएवी स्कूल की वजह से यह कदम उठा रहा हूं। इस स्कूल में सभी बच्चों को डंडों से पीटा जाता है और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। सभी बच्चे यहां परेशान हैं। मैंने कभी नशा नहीं किया है।
घटना के बाद से इलाके में तनाव व्याप्त है और पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। परिजनों का आरोप है कि स्कूल में बच्चों के साथ हो रही ज्यादती के कारण ही उनके बेटे ने इतना बड़ा कदम उठाया।
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