मॉनसून का डर और सड़कों का हाल
देहरादून में मॉनसून के आने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है, लेकिन इस मौसम के बदलाव के साथ ही शहर के लोगों में एक बड़ा डर भी समा गया है। पिछले वर्षों के अनुभवों को देखते हुए, तेज हवाओं और आंधी के दौरान सड़कों पर निकलना किसी खतरे से खाली नहीं लगता।
क्यों बढ़ जाता है जोखिम
जानकारों का मानना है कि मॉनसून की पहली भारी बारिश के बाद जमीन की मिट्टी नम और ढीली हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका काफी ज्यादा बढ़ जाती है। सड़कों पर सफर करने वाले राहगीरों के लिए यह समय विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण होता है।
प्रशासन की तैयारी और पर्यावरणविदों की चिंता
कैंटोनमेंट क्षेत्र में रहने वाले पर्यावरणविद कुलदेव सिंह नेगी का कहना है कि प्रशासन द्वारा समय समय पर इलाकों का मुआयना तो किया जाता है, लेकिन खतरा अभी भी बरकरार है। दूसरी ओर, नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे ने स्पष्ट किया है कि मॉनसून से निपटने के लिए देहरादून नगर निगम ने पूरी तैयारी कर ली है और वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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