सब्जी की खेती में बंपर पैदावार चाहिए तो अपनाएं ये तरीका, खाद की सही मात्रा से बढ़ेगी कमाई

मानसून के दौरान हाइब्रिड सब्जियों की खेती से मुनाफा कमाने के लिए मिट्टी की तैयारी और उर्वरकों का सही संतुलन बहुत जरूरी है। विशेषज्ञ 50 किलो डीएपी के साथ सूक्ष्म पोषक तत्वों के प्रयोग की सलाह दे रहे हैं।

खेती की तैयारी और उर्वरकों का महत्व

मानसून के आगमन के साथ ही किसान खेतों को तैयार करने में जुट गए हैं। हाइब्रिड सब्जियों की खेती में बेहतर पैदावार और मुनाफा पाने के लिए छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। सही समय पर सही खाद का प्रयोग न केवल पौधों की ग्रोथ अच्छी करता है, बल्कि किसान को उनकी मेहनत का पूरा फल भी दिलाता है।

मिट्टी तैयार करने का वैज्ञानिक तरीका

सागर जिले के वरिष्ठ उद्यानिकी अधिकारी विदेश प्रजापति का कहना है कि टमाटर, मिर्च, शिमला मिर्च और बैंगन जैसी सब्जियों की रोपाई से पहले खेत की तैयारी में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करना चाहिए। आजकल बेड बनाकर ड्रिप मल्चिंग के जरिए खेती करने से उत्पादन में काफी बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि, इन तकनीकों से पहले मिट्टी में उर्वरकों का सही मिश्रण डालना अनिवार्य है।

खाद की सटीक मात्रा और मिश्रण

पौधों के समुचित विकास के लिए मेजर और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का सही संतुलन बनाना जरूरी है। बेसल डोज के रूप में निम्नलिखित सामग्री का प्रयोग करने की सलाह दी गई है:

  • 50 किलो डीएपी या एनपीके 20-20-0-13
  • 50 किलो लाल पोटाश
  • 5 किलो सल्फर
  • 5 किलो जिंक सल्फेट
  • 5 किलो अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व जैसे जिंक, मैंगनीज और कॉपर

इसके अलावा, फसल को बीमारियों से बचाने के लिए ट्राइकोडर्मा फंगीसाइड का उपयोग करना भी काफी कारगर साबित होता है।

रोपाई का सही समय

विशेषज्ञों के अनुसार, इन सभी उर्वरकों को खेत की तैयारी के समय ही डालना चाहिए। यदि किसान 10 जुलाई तक सब्जियों की रोपाई का काम पूरा कर लेते हैं, तो उन्हें बेहतर परिणाम मिलने की संभावना काफी अधिक होती है। सही खाद और सही समय का चुनाव ही खेती को मुनाफे का सौदा बनाता है।

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