कैंसर से लड़ रहीं शिक्षिका का बड़ा दिल, जीवन भर की कमाई देश के सैनिकों को सौंपी

कर्नाटक के दावणगेरे की एक सेवानिवृत्त शिक्षिका ने कैंसर से जूझते हुए अपनी पूरी जमा पूंजी 'भारत के वीर' फंड में दान कर दी है।

सैनिकों के सम्मान में बड़ा समर्पण

कर्नाटक के दावणगेरे से एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। सेवानिवृत्त शिक्षिका केबी करिबासम्मा ने अपनी जीवन भर की गाढ़ी कमाई देश के वीर जवानों के नाम कर दी है। गंभीर बीमारी कैंसर से जूझ रहीं करिबासम्मा ने घर बेचकर मिले 6 लाख रुपये और अपनी पेंशन की बचत के 4 लाख रुपये मिलाकर कुल 10 लाख रुपये की राशि 'भारत के वीर' कॉर्पस फंड को दान स्वरूप दी है।

वृद्धाश्रम में रह रहीं करिबासम्मा

करिबासम्मा ने अपने जीवन की जमा पूंजी का बड़ा हिस्सा दान करने का फैसला इसलिए लिया क्योंकि वह इसे अपने इलाज पर खर्च नहीं करना चाहती थीं। फिलहाल, वह एक वृद्धाश्रम में अपना जीवन व्यतीत कर रही हैं। उन्होंने इस धनराशि का चेक जिले के उपायुक्त जी.एम. गंगाधर स्वामी को सौंपा, ताकि इसे सैनिक कल्याण के लिए इस्तेमाल किया जा सके।

इच्छामृत्यु की मुखर समर्थक

शिक्षिका करिबासम्मा लंबे समय से इच्छामृत्यु (यूथेनासिया) के अधिकार को लेकर वकालत करती रही हैं। उनका मानना है कि असाध्य रोगों से जूझ रहे मरीजों को गरिमा के साथ मृत्यु चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा था। उन्होंने बताया कि वह अपनी बचत प्रधानमंत्री को भेंट करना चाहती थीं, हालांकि वह अवसर न मिल पाने के बाद उन्होंने जिला प्रशासन के माध्यम से यह राशि सैनिकों के कल्याण के लिए समर्पित कर दी।

समाज के लिए मिसाल

उनके इस त्याग की हर तरफ प्रशंसा हो रही है। पूर्व एमएलसी डॉ. शिवयोगी स्वामी ने उनके इस कदम को समाज के लिए बेहद प्रेरणादायक बताया है। एक शिक्षिका का यह जज्बा साबित करता है कि कठिन परिस्थितियों में भी देश सेवा का भाव इंसान को सबसे ऊपर रखता है। उपायुक्त ने पुष्टि की है कि दान की गई पूरी राशि को नियमानुसार सरकार को भेज दिया गया है ताकि शहीद परिवारों की मदद की जा सके।

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