लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: 15 लोगों की दर्दनाक मौत, एसआईटी जांच के आदेश और चार अधिकारी निलंबित

लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग सेंटर वाली इमारत में भीषण आग लगने से 15 लोगों की जान चली गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है और चार अधिकारियों को लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है।

हादसे का विवरण

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। उषा मेहता मार्ग पर स्थित एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में दोपहर करीब 3 बजे भीषण आग लग गई। पुरनिया बाजार के पास स्थित यह क्षेत्र कोचिंग और कैफे के लिए जाना जाता है। इस भयावह घटना में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बचाव कार्य के दौरान न केवल इंसानों, बल्कि इमारत के भूतल पर स्थित पेट शॉप और क्लिनिक में फंसे बेजुबान जानवरों को भी बचाने की कोशिश की गई।

मृतकों की पहचान और घायलों का उपचार

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में कुल 22 लोगों को भर्ती कराया गया था, जिनमें से 15 को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अस्पताल द्वारा जारी सूची के अनुसार मृतकों में सागर, नीलेश, अनामिका, संयम, अनुछा, सुखमनी, आदित्य श्रीवास्तव, ज्योति, भविष्य, अब्दुल रहमान, सूरज शाह, शाहजान, जयनिल चक्रवर्ती, मोहम्मद अम्मार और सुमाल्या शामिल हैं। वहीं, 7 घायलों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि 2 अन्य का इलाज अभी चल रहा है।

एसआईटी गठन और सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना को गंभीरता से लेते हुए 2 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। इसमें पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है, जिन्हें 7 दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। लापरवाही के आरोप में जानकीपुरम के बिजली अधिकारी गौरव कुमार, अग्निशमन विभाग के कमलेन्द्र कुमार सिंह, एलडीए के अनिल कुमार और प्रमोद पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने इमारत के मालिकों समेत 4 लोगों को भी गिरफ्तार किया है, जिनमें राम कृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, तुषार कृष्ण जायसवाल और सुरेश कुमार साहू शामिल हैं।

सरकार द्वारा मुआवजे का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपये तथा घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।

दम घुटने से हुई अधिकांश मौतें

ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा के अनुसार आग शायद इमारत के एसी डक्ट से शुरू हुई थी। वहीं स्थानीय विधायक नीरज बोरा ने कहा कि इमारत में बाहर निकलने का उचित रास्ता न होने के कारण अधिकांश लोगों की मौत आग में झुलसने के बजाय धुएं से दम घुटने से हुई है। मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वयं घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ितों को न्याय का भरोसा दिलाया।

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