उर्वरकों की खेप से बढ़ेगी कृषि भंडार की मजबूती
वैश्विक व्यापारिक चुनौतियों और मध्य पूर्व के तनावपूर्ण माहौल के बीच भारत की कृषि जरूरतों को लेकर सकारात्मक खबर सामने आई है। खाद से लदे चार प्रमुख मालवाहक जहाज सफलतापूर्वक होर्मुज स्ट्रेट को पार कर चुके हैं। इन जहाजों में यूरिया, डाई-अमोनियम फॉस्फेट यानी डीएपी और सल्फर जैसे महत्वपूर्ण उर्वरक बड़ी मात्रा में मौजूद हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ये जहाज अब तेजी से भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इन बंदरगाहों पर होगा जहाजों का आगमन
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इन जहाजों को विशेष रूप से चार प्रमुख बंदरगाहों पर उतारा जाएगा ताकि उर्वरकों का वितरण देश के विभिन्न हिस्सों में सुचारू रूप से हो सके। ये बंदरगाह निम्नलिखित हैं:
- कृष्णपट्टनम
- काकीनाडा
- पारादीप
- मुंद्रा
अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि इन खेपों के पहुंचते ही उर्वरकों को उतारने का काम तेजी से शुरू किया जाएगा और इसे तत्काल वितरण प्रणाली में शामिल कर दिया जाएगा, ताकि देश का खाद भंडार और अधिक सुदृढ़ हो सके।
उर्वरक भंडार में पिछले साल से अधिक बढ़ोतरी
22 जून 2026 तक देश में उपलब्ध कुल उर्वरक भंडार 196.08 लाख टन तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा पिछले साल की इसी अवधि के 168.67 लाख टन की तुलना में काफी अधिक है। वर्तमान भंडार में यूरिया का हिस्सा 81.44 लाख टन, डीएपी 20.92 लाख टन, एनपीके 55.91 लाख टन, एमओपी 12.68 लाख टन और एसएसपी 25.13 लाख टन है।
खेती की बढ़ती मांग का असर
देश में कृषि गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है, जिसका सीधा असर उर्वरकों की बिक्री पर पड़ा है। 1 मार्च 2026 से 21 जून 2026 के बीच खाद की कुल बिक्री बढ़कर 153.4 लाख टन हो गई है, जो पिछले साल इसी अवधि में 140.2 लाख टन थी। खरीफ फसलों की बुवाई के समय मांग अधिक होने के कारण सरकार घरेलू उत्पादन और आयात के संतुलन पर विशेष जोर दे रही है। इस संकट काल में भी देश में उर्वरकों का उत्पादन बढ़कर 133.12 लाख टन तक पहुंच गया है, जबकि 43.69 लाख टन उर्वरकों का आयात किया गया है।
विभिन्न देशों से जारी है आपूर्ति
भारत ने खरीफ सीजन के लिए 90 लाख टन से अधिक यूरिया और पीएंडके उर्वरकों की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली है। ओमान, मलेशिया, वियतनाम, रूस, मिस्र, अल्जीरिया, मोरक्को, अमेरिका, जॉर्डन, दक्षिण कोरिया, ट्यूनीशिया और सऊदी अरब जैसे दुनिया के कई देशों से उर्वरकों की आपूर्ति लगातार की जा रही है। सरकार भारतीय मिशनों के साथ समन्वय कर इन व्यापारिक मार्गों को सुरक्षित बनाए रखने में सफल रही है।
https://hindi.news18.com/news/business/latest-four-fertilizer-laden-ships-bound-for-india-cross-the-strait-of-hormuz-ws-l-10594667.html