JD Vance ने क्या कहा
ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते की शर्तों को सार्वजनिक करने में हो रही देरी को लेकर जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बड़ी ही बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने इस देरी की तुलना करते हुए Pakistan और Qatar की प्रेस स्वतंत्रता पर तंज कसा। JD Vance का कहना था कि इन देशों में अमेरिका जैसी प्रेस की आजादी नहीं है, जिस कारण वहां सूचनाएं उस तरह से बाहर नहीं आ पातीं जैसे अमेरिका में आती हैं।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि
दरअसल, लेबनान में शांति बहाली के बाद Donald Trump के विशेष दूत Steve Witkoff न्यूक्लियर डील के पहले दौर की बातचीत के लिए Switzerland जाने की तैयारी कर रहे हैं। इस दौरान अमेरिका में इस बात को लेकर बहस छिड़ी हुई है कि 15 जून को Donald Trump द्वारा अंतरिम एग्रीमेंट की घोषणा के बाद भी MOU की शर्तें क्यों छिपाई गईं।
Pakistan को लेकर की ये टिप्पणी
अपनी सफाई में JD Vance ने कहा कि Pakistan और Qatar का सिस्टम अमेरिकी संविधान जैसा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वहां यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि कोई भी दस्तावेज तुरंत सार्वजनिक हो जाए ताकि लोग उसका विश्लेषण कर सकें। उन्होंने याद दिलाया कि Pakistan, अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ रहा है, लेकिन वहां की प्रेस ने कभी भी डील की अंदरूनी बातें बाहर नहीं आने दीं, जो कि एक अलग तरह की व्यवस्था का संकेत है।
इजरायल-हिजबुल्लाह सीजफायर पर अपडेट
इस बीच, तनावपूर्ण स्थितियों के चलते JD Vance को अपना Switzerland जाने का कार्यक्रम रद्द करना पड़ा था। हालांकि, अब Israel और Hezbollah के बीच लेबनान में एक नए सीजफायर समझौते पर सहमति बन गई है, जिससे शांति की उम्मीदें फिर से जाग उठी हैं।
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