Koderma का प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर: 100 साल से भी पुराना है इतिहास

झुमरी तिलैया में स्थित शीतला माता मंदिर अपनी अनोखी मान्यताओं के लिए जाना जाता है, जहां देवी की प्रतिमा के बजाय सात पिंडों की पूजा की जाती है।

कोडरमा में आस्था का बड़ा केंद्र

भारत में आस्था और भक्ति के कई पुराने केंद्र हैं, जिनका अपना एक समृद्ध इतिहास है। इन्ही में से एक है Koderma जिले के झुमरी तिलैया में स्थित शीतला माता मंदिर। यह मंदिर इलाके की सबसे पुरानी धार्मिक जगहों में से एक माना जाता है।

100 साल से अधिक का इतिहास

यह मंदिर देवी मंडप रोड पर स्थित है और इसकी उम्र 100 वर्ष से अधिक है। अपनी अनूठी परंपराओं के कारण यह मंदिर स्थानीय लोगों के बीच बेहद खास है।

प्रतिमा नहीं, पिंड रूप में पूजा

इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां माता की कोई मूर्ति या प्रतिमा स्थापित नहीं है। इसके बजाय यहां भक्त सात पिंड की पूजा करते हैं। इसके अलावा मंदिर परिसर में भैरव जी के लिए भी एक अलग स्थान निर्धारित है। पुजारी Pramod Pandey के अनुसार, यहां मांगी गई मन्नतें पूरी होती हैं, जिससे भक्तों का अटूट विश्वास यहां बना हुआ है।

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