मध्य प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति के बदलेंगे नियम, परिवार को छोड़ा तो जाएगी नौकरी

मध्य प्रदेश सरकार अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। वित्त विभाग की सहमति के बाद नए नियम जल्द लागू होंगे, जिसमें परिवार की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने पर नौकरी छिनने का प्रावधान रखा गया है।

कर्मचारियों के पक्ष में होंगे नए नियम

मध्य प्रदेश सरकार अनुकंपा नियुक्ति के मौजूदा नियमों में बड़ा फेरबदल करने जा रही है। नए नियम पहले से ज्यादा सरल और कर्मचारियों के हित में होंगे। इस बदलाव को वित्त विभाग की हरी झंडी मिल चुकी है। नए प्रावधान के तहत अनुकंपा नियुक्ति के बाद किसी भी कर्मचारी को बिना ठोस वजह के हटाया नहीं जा सकेगा।

परिवार की जिम्मेदारी जरूरी, वरना जाएगी नौकरी

नए नियमों के तहत जिस युवक या युवती को माता-पिता के पद पर अनुकंपा नियुक्ति मिलती है, उस पर परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी होगी। अगर कोई कर्मचारी परिवार की जिम्मेदारी उठाने से इनकार करता है और उनसे अलग रहता है, तो उसकी नौकरी वापस ली जा सकती है।

लापता व्यक्ति से जुड़ा नया नियम

लापता व्यक्तियों के मामले में भी सरकार नया प्रावधान लाई है। पहले 7 साल से ज्यादा समय तक लापता रहने पर व्यक्ति को मृत मान लिया जाता था और अनुकंपा नियुक्ति कर दी जाती थी। अब नए नियम के मुताबिक, अगर कोई 7 साल बाद भी जीवित मिलता है, तो पहले दी गई अनुकंपा नियुक्ति रद्द की जा सकती है।

डिमोशन से मिलेगी राहत

अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले कर्मचारियों को डिमोशन से भी बचाया जाएगा। दरअसल, अब तक एक प्रस्ताव विचाराधीन था जिसके तहत तृतीय श्रेणी में बाबू, लिपिक या अन्य पद पर अनुकंपा नियुक्ति पाने वाला कर्मचारी अगर 3 साल में CPCT परीक्षा पास नहीं करता, तो उसे चतुर्थ श्रेणी यानी चपरासी के ग्रेड में भेज दिया जाए। हालांकि यह प्रस्ताव अभी तक पास नहीं हुआ है और नए नियमों में कर्मचारियों को इससे सुरक्षा मिलेगी।

जल्द होगा लागू

सरकार की ओर से तैयार ये सभी नए नियम जल्द ही लागू किए जाएंगे और इसी आधार पर आगे की नियुक्तियां होंगी। अभी तक कर्मचारियों की तरफ से इन नियमों पर कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह देखना बाकी है कि इन बदलावों से कर्मचारियों को व्यवहार में कितना फायदा मिल पाता है।

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