ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका, करीबी फिरहाद हकीम ने छोड़ा कोलकाता के मेयर का पद

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के करीबी नेता और विधायक फिरहाद हकीम ने कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी के 60 विधायक बागी हो चुके हैं।

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से टीएमसी के दागी नेताओं पर लगातार कार्रवाई जारी है, वहीं पार्टी के नेताओं को जनता की नाराजगी का भी सामना करना पड़ रहा है। अब तक कई नेता पार्टी से किनारा कर चुके हैं। बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद से ही टीएमसी पर टूट का साया मंडरा रहा था और बुधवार को पार्टी में बड़ी फूट सामने आ गई। मिली जानकारी के मुताबिक, रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी के 60 विधायक बगावत कर चुके हैं। इसके साथ ही ममता बनर्जी के करीबी नेता और विधायक फिरहाद हकीम ने कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया है।

2018 से मेयर की कुर्सी पर थे फिरहाद हकीम

राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी को यह एक और बड़ा आघात माना जा रहा है। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने बताया कि ममता बनर्जी ने फिरहाद हकीम को पद छोड़ने की अनुमति दी थी। फिरहाद हकीम की गिनती बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के प्रभावशाली अल्पसंख्यक चेहरों में होती रही है। वह वर्ष 2018 से कोलकाता के मेयर पद पर बने हुए थे। उल्लेखनीय है कि कोलकाता नगर निगम 2010 से टीएमसी के नियंत्रण में है।

'सरकार निगम को निष्क्रिय कर रही'

फिरहाद हकीम के इस्तीफे पर टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि कोलकाता नगर निगम के मेयर फिरहाद हकीम ने ममता बनर्जी से इस्तीफा देने की अनुमति मांगी थी। वह सम्मानजनक ढंग से पद छोड़ना चाहते थे, क्योंकि राज्य सरकार निगम को निष्क्रिय कर रही है। घोष के अनुसार, अब तक ममता बनर्जी ने यह अनुमति नहीं दी थी, लेकिन आज की प्रशासनिक बैठक में यह साफ हो गया कि निगम वास्तव में निष्क्रिय हो चुका है। उन्होंने कहा कि हमारी नेता ममता बनर्जी ने आज उन्हें इस्तीफा देने की अनुमति दे दी, क्योंकि राज्य सरकार ने निगम को प्रभावी रूप से निष्क्रिय कर दिया है।

रिताब्रता बनर्जी के गुट को मिली मंजूरी

तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित किए गए नेता रिताब्रता बनर्जी ने भी सोमवार को ममता बनर्जी को बड़ा झटका दिया था। उन्होंने बताया कि बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष ने तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट की मांग को स्वीकार कर लिया है। रिताब्रता बनर्जी के मुताबिक, तृणमूल के 58 बागी विधायकों ने उन्हें विधायक दल के नेता के रूप में समर्थन दिया है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के विधायकों का स्पष्ट बहुमत अब उनके साथ है और यही गुट विधानसभा में वैध विपक्ष का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने यह भी कहा कि दो अन्य विधायक भी उनके खेमे में शामिल हो सकते हैं।

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