उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में मोटे अनाज की खेती को आगे बढ़ाने के लिए कृषि विभाग किसानों को लगातार जागरूक कर रहा है। विभाग की ओर से किसानों को सावा, कोदो और रागी जैसे पोषक अनाजों की खेती के लिए मुफ्त बीज मुहैया कराए जाएंगे। इसके लिए किसानों को पहले ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके बाद वे अपने नजदीकी कृषि बीज भंडार से बीज ले सकेंगे।
श्रीअन्न की खेती को सरकार का बढ़ावा
केंद्र और प्रदेश सरकार मोटे अनाज यानी श्रीअन्न की खेती को प्रोत्साहित करने पर खास ध्यान दे रही हैं। इसी कड़ी में कृषि विभाग किसानों को सावा, कोदो और रागी जैसी फसलें उगाने के लिए प्रेरित कर रहा है। ये फसलें कम पानी में भी अच्छी उपज देती हैं और किसानों के लिए अतिरिक्त कमाई का जरिया बन सकती हैं।
सेहत के लिहाज से बेहद उपयोगी
पोषण की दृष्टि से मोटे अनाज को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इनके बढ़ते इस्तेमाल और बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए कृषि विभाग की यह कोशिश किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। इससे एक ओर किसानों की आमदनी बढ़ेगी तो दूसरी ओर लोगों को पौष्टिक खाद्यान्न भी मिल सकेगा।
बीज वितरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन
जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि जनपद के सभी 15 राजकीय बीज भंडारों पर सावा, कोदो और रागी के बीज उपलब्ध करा दिए गए हैं। हालांकि बीज वितरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है, इसलिए अब किसानों को सीधे बीज नहीं मिलेंगे, बल्कि पहले ऑनलाइन बुकिंग करनी अनिवार्य होगी।
इसके लिए किसानों को कृषि विभाग के दर्शन-1 पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होगा। बिना बुकिंग के किसी भी किसान को बीज नहीं दिया जाएगा, इसलिए समय रहते यह प्रक्रिया पूरी कर लेना जरूरी है। जिला कृषि अधिकारी के मुताबिक यदि लक्ष्य से अधिक किसान आवेदन करते हैं तो बीजों का वितरण लॉटरी के जरिए किया जाएगा। रागी और कोदो की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को निशुल्क मिनी कीट भी दी जाएगी।
मक्का के बीज पर 50% अनुदान
खीरी जिले में रागी का 7 कुंतल 90 किलो बीज वितरण के लिए उपलब्ध है। इसके अलावा 18 कुंतल सांवा का बीज प्राप्त हुआ है, जो किसानों को मुहैया कराया जाएगा। वहीं मक्का का बीज 50% अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
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