नई दिल्ली: शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने एक चौंकाने वाला आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी पार्टी के सांसदों को दूसरे खेमे में जाने के लिए 15-15 करोड़ रुपये की पेशकश की जा रही है। उनका यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली पार्टी में टूट की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। राउत ने एक्स पर लिखा, "अपना सपना मनी मनी! यह चौंकाने वाला और घिनौना है कि महाराष्ट्र के सांसदों को आज रात पाला बदलने के लिए 15-15 करोड़ रुपये की पेशकश की जा रही है।"
बागी सांसद बना सकते हैं अलग गुट
राउत का यह आरोप ऐसे समय आया है जब राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि शिवसेना (UBT) के कुछ सांसद पार्टी से अलग होकर एक नया गुट खड़ा कर सकते हैं। इससे पहले संजय राउत कह चुके हैं कि विधायक और सांसद आते-जाते रहते हैं, मगर पार्टी अपनी जगह कायम रहती है। उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक दलों को तोड़ने का आरोप मढ़ते हुए चेतावनी दी थी कि जब "हमारा दिन जब आएगा, हम दिखाएंगे पार्टी कैसे तोड़ी जाती है।"
दिल्ली में शिंदे के बेटे के आवास पर जुटेंगे बागी सांसद
सूत्रों के मुताबिक उद्धव ठाकरे (UBT) से जुड़े सांसद बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे श्रीकांत शिंदे के दिल्ली स्थित निवास पर बैठक करेंगे। इस बैठक में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे भी शामिल रहेंगे। कहा जा रहा है कि इस बैठक के बाद ये सभी सांसद लोकसभा अध्यक्ष से मिलेंगे। सूत्रों का दावा है कि पहले ये सांसद लोकसभा में अलग गुट गठित करने की प्रक्रिया को पूरा करेंगे और इसके बाद इस गुट का विलय शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में करा दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे गुट (UBT) के 6 सांसद शिंदे की शिवसेना के संपर्क में हैं, जबकि राजाभाऊ वाजे का नाम भी चर्चा में है। इन सांसदों के नाम इस प्रकार बताए जा रहे हैं:
- संजय दीना पाटिल
- संजय देशमुख
- नागेश पाटिल आष्टीकर
- ओमराजे निंबालकर
- भाऊसाहेब वाकचौरे
- संजय जाधव
- राजाभाऊ वाजे
शिवसेना (UBT) ने लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा औपचारिक पत्र
उधर, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने लोकसभा अध्यक्ष को एक आधिकारिक पत्र भेजकर मांग रखी है कि संसद में सिर्फ शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को ही अधिकृत राजनीतिक दल के रूप में मान्यता दी जाए। पार्टी ने अपने पत्र में आग्रह किया है कि किसी भी अलग, बागी या स्वतंत्र समूह को अलग पहचान, दर्जा, सुविधाएं या विशेषाधिकार न दिए जाएं। पत्र में यह भी कहा गया है कि अगर कोई दूसरा गुट मान्यता या विशेष दर्जे की मांग करता है, तो उस पर कोई फैसला लेने से पहले शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह संविधान की दसवीं अनुसूची यानी दल-बदल विरोधी कानून के तहत मिले कानूनी प्रावधानों के इस्तेमाल का अधिकार अपने पास सुरक्षित रखती है। यह पत्र शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के संसदीय दल के नेता और सांसद अरविंद सावंत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष को भेजा गया है।
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