तेज आंधी में भी नहीं गिरेगा पौधा! किसानों की पसंदीदा यह दमदार धान किस्म, बंपर पैदावार के लिए जानी जाती है

साल 2021 में रिलीज हुई विक्रम TCR धान की उन्नत किस्म कम ऊंचाई और मजबूत बनावट के कारण आंधी-बारिश में गिरती नहीं और बेहतर उत्पादन देती है। छत्तीसगढ़ के किसानों के बीच यह आज भी पहली पसंद बनी हुई है।

छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसान धान की बुआई की तैयारी में जुट गए हैं। इस दौरान सही किस्म चुनने को लेकर कृषि विशेषज्ञ लगातार किसानों को सलाह दे रहे हैं। प्रदेश की जलवायु और मौसमी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञ इस बार किसानों को विक्रम TCR धान की खेती अपनाने की सिफारिश कर रहे हैं। यह किस्म कम समय में अच्छी पैदावार देने के साथ-साथ पौधे गिरने की समस्या से भी राहत दिलाती है, जिससे किसानों को बेहतर मुनाफा मिल सकता है।

कब हुई थी यह किस्म रिलीज

बालोद के कृषि विज्ञान केंद्र के विषय वस्तु विशेषज्ञ एआर गौर के मुताबिक, विक्रम TCR धान की एक उन्नत किस्म है, जिसे साल 2021 में रिलीज किया गया था। रिलीज होने के तुरंत बाद से ही यह किस्म किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो गई और आज भी उनकी पहली पसंद बनी हुई है। खास बात यह है कि इस किस्म को पारंपरिक सफरी-17 धान में सुधार करके तैयार किया गया है।

वैज्ञानिकों ने घटाई पौधों की ऊंचाई

एआर गौर ने बताया कि पहले सफरी-17 के पौधे काफी ऊंचे होते थे। अधिक ऊंचाई के कारण तेज हवा या बारिश में ये पौधे गिर जाते थे, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ता था। इसी दिक्कत को दूर करने के मकसद से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र ने मिलकर इस किस्म पर शोध किया।

वैज्ञानिकों ने म्यूटेशन तकनीक का इस्तेमाल कर पौधों की ऊंचाई को कम किया और साथ ही उनकी उत्पादन क्षमता को बढ़ाया।

विक्रम TCR धान की खूबियां

इस किस्म की सबसे बड़ी विशेषता इसकी मजबूत बनावट और संतुलित ऊंचाई है, जिसके चलते पौधे आसानी से नहीं गिरते। यही कारण है कि इसे छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बेहद उपयोगी माना जा रहा है। उत्पादन की बात करें तो सीधी बुआई में यह किस्म प्रति एकड़ 25 से 30 क्विंटल तक उपज देती है, वहीं रोपाई विधि अपनाने पर प्रति एकड़ 25 से 32 क्विंटल तक उत्पादन हासिल किया जा सकता है।

बाजार में अच्छी मांग

विक्रम TCR धान का दाना पतला होता है और इसे खाने में स्वादिष्ट माना जाता है, जिसके चलते बाजार में इसकी मांग भी अच्छी बनी रहती है। इसके अलावा जो किसान बीज तैयार कर बेचना चाहते हैं, उनके लिए भी यह एक फायदेमंद विकल्प है। यह किस्म करीब 120 से 125 दिनों में पककर तैयार हो जाती है, जिससे किसान समय रहते कटाई कर अगली फसल की तैयारी भी कर सकते हैं।

विशेषज्ञ एआर गौर का कहना है कि सही प्रबंधन के साथ खेती की जाए तो विक्रम TCR धान किसानों की आमदनी बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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