विदिशा जिले में एक परिवार अपनी बेटी की मौत के बाद इंसाफ की आस लिए लगातार अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रहा है, मगर उसकी फरियाद अब तक अनसुनी ही है। एक बेटी की मौत ने पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ कर रख दी और इसके बाद शुरू हुई एक ऐसी लड़ाई, जो अब इंसाफ और व्यवस्था के बीच खड़ी दिखाई दे रही है। पिता मीठालाल भदौरिया का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उनकी बेटी सलोनी की हत्या कर दी गई।
एफआईआर के बावजूद आरोपी कानून की पकड़ से दूर
परिवार का कहना है कि उनकी बेटी की जान दहेज के लालच ने ली। मामला पुलिस तक पहुंचा और एफआईआर भी दर्ज की गई, लेकिन परिजनों का दावा है कि नामजद आरोपी आज भी कानून की गिरफ्त से बाहर हैं। बेटी को खो चुके पिता का कहना है कि उन्हें सिर्फ अपनी बेटी की मौत का सच और दोषियों की गिरफ्तारी चाहिए, इसके सिवा कुछ नहीं।
शादी के बाद बदल गए हालात
ग्राम भौरिया के रहने वाले मीठालाल अपनी बेटी सलोनी की मौत को लेकर लगातार अफसरों के पास पहुंच रहे हैं। उनका आरोप है कि शादी के बाद बेटी का वैवाहिक जीवन सामान्य नहीं रहा और धीरे-धीरे उसे आर्थिक मांगों तथा पारिवारिक दबावों का सामना करना पड़ा। परिजनों के मुताबिक बेटी कई बार अपने साथ हो रही प्रताड़ना की जानकारी मायके वालों को देती थी, लेकिन किसी ने कभी कल्पना नहीं की थी कि हालात इतने भयावह मोड़ पर पहुंच जाएंगे।
मृतका के परिजनों का कहना है कि ससुराल पक्ष की ओर से लगातार महंगे वाहन और बड़ी रकम की मांग की जा रही थी। जब परिवार इन मांगों को पूरा नहीं कर सका, तो कथित तौर पर सलोनी के साथ दुर्व्यवहार बढ़ता चला गया।
13 मई को मायके पहुंची मौत की खबर
इसी दौरान 13 मई 2026 को सलोनी की मौत की खबर मायके पहुंची। यह मौत आखिर किन परिस्थितियों में हुई, यही अब सबसे बड़ा विवाद बन गया है। एक तरफ जहां ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, वहीं मृतका का परिवार इसे एक सोची-समझी साजिश का नतीजा मान रहा है।
भाई ने लगाए गंभीर आरोप
परिवार का आरोप है कि शिकायत और जांच की प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी अब तक किसी आरोपी को हिरासत में नहीं लिया गया है। यही वजह है कि परिजन एक बार फिर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई में तेजी लाने की मांग की।
मृतका के भाई मुकेश किरार का कहना है कि परिवार लगातार डर और तनाव के माहौल में जी रहा है। उनका आरोप है कि न्याय की मांग उठाने पर उन्हें दबाव बनाने की कोशिशें भी झेलनी पड़ रही हैं।
मामले ने खड़े किए कई सवाल
इस पूरे प्रकरण ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर जांच एजेंसियों के पास पर्याप्त तथ्य मौजूद हैं, तो कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है? और अगर जांच अभी अधूरी है, तो परिवार को आखिर कब तक इंतजार करना पड़ेगा?
इन सवालों के बीच एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, क्योंकि यह केवल एक मौत का मामला नहीं, बल्कि उस मौत के पीछे छिपे सच को सामने लाने की चुनौती भी है।
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