खेतों में दिन-रात बिजली, सिंचाई की चिंता खत्म! PM कुसुम योजना से ₹493200 की छूट, बदलेगी किसानों की तकदीर

पीएम कुसुम योजना के तहत उत्तर प्रदेश के किसानों को सोलर पंप पर 90% तक सब्सिडी मिल रही है। 7.5 HP कनेक्शन पर सरकार ₹4,93,200 की सब्सिडी दे रही है और किसान को सिर्फ ₹54,800 खर्च करने होंगे।

उत्तर प्रदेश के किसानों के सामने अब बिजली के भारी बिल और बार-बार होने वाली बिजली कटौती से छुटकारा पाने का बेहतरीन अवसर आया है। केंद्र और राज्य सरकार की पीएम कुसुम योजना के माध्यम से किसान अपने निजी ट्यूबवेल को पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलाकर बिजली पर निर्भरता खत्म कर सकते हैं। यूपी नेड़ा के परियोजना अधिकारी आर.बी वर्मा के मुताबिक, इस योजना में पात्र किसानों को सोलर पंप पर कुल 90% की बड़ी सब्सिडी दी जा रही है और किसान को अपनी ओर से केवल 10% रकम ही चुकानी होती है।

सहारनपुर जिले में किसान अक्सर खेतों की सिंचाई के लिए महंगे बिजली बिल और ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली अघोषित बिजली कटौती से बेहद परेशान रहते हैं। समय पर बिजली न मिलने की वजह से कई बार फसलें सूखने की कगार पर पहुंच जाती हैं। ऐसे में यह योजना किसानों के ट्यूबवेल को बिजली से पूरी तरह स्वतंत्र बना सकती है। दुर्भाग्य से जानकारी के अभाव में जिले के बहुत कम किसान ही अब तक इसका फायदा ले पाए हैं, जिसके चलते हर साल सरकारी लक्ष्य अधूरा रह जाता है।

क्या है पीएम कुसुम योजना और कौन ले सकता है लाभ

यह योजना केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त सहयोग से चलाई जा रही महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इसका मुख्य मकसद किसानों को सिंचाई के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है। योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं।

  • निजी ट्यूबवेल अनिवार्य: लाभ लेने वाले किसान के पास अपना खुद का निजी ट्यूबवेल होना जरूरी है।
  • कनेक्शन क्षमता: यह योजना मुख्य रूप से उन विद्युत उपभोक्ताओं के लिए है, जिनके पास 3 HP से लेकर 7.5 HP तक के निजी ट्यूबवेल कनेक्शन हैं।

केवल 10% खर्च में लग जाएगा सोलर सिस्टम

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी बड़ी सब्सिडी है। यूपी नेड़ा के परियोजना अधिकारी आर.बी वर्मा ने योजना के वित्तीय ढांचे की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार किसानों को कुल 90% तक का अनुदान दे रही है। यह सब्सिडी दो हिस्सों में बंटी हुई है।

  • केंद्र सरकार का हिस्सा: 30% अनुदान
  • राज्य सरकार का हिस्सा: 60% अनुदान
  • किसान का खर्च: मात्र 10%

7.5 HP कनेक्शन पर खर्च का पूरा हिसाब

प्रबंधन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यदि कोई किसान अपने खेत में 7.5 HP क्षमता का सोलर पंप लगवाना चाहता है, तो उसका पूरा खर्च और बचत इस प्रकार होगी।

  • कुल वास्तविक खर्च: ₹5,48,000
  • सरकार द्वारा 90% सब्सिडी: ₹4,93,200
  • किसान को देना होगा मात्र (10%): ₹54,800

अधिकारी का बयान

यूपी नेड़ा के परियोजना अधिकारी आर.बी वर्मा ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए मिले लक्ष्य के आधार पर सहारनपुर में अब तक 25 किसानों के कृषि फार्मों पर यह सोलर सिस्टम सफलतापूर्वक लगाया जा चुका है। जिन किसानों के खेतों में यह व्यवस्था लगी है, उनके लिए यह बेहद फायदेमंद साबित हो रही है, क्योंकि दिन के समय बिजली बाधित होने पर भी वे बिना किसी रुकावट के मुफ्त में अपने खेतों की सिंचाई कर पा रहे हैं।

आवेदन की पूरी प्रक्रिया जानिए

अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाकर बिजली के झंझट से हमेशा के लिए मुक्ति पाना चाहते हैं, तो आवेदन की प्रक्रिया बेहद सरल और पारदर्शी है।

  1. सबसे पहले उत्तर प्रदेश न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (UP NEDA) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. होमपेज पर दिए गए पीएम कुसुम योजना के लिंक पर क्लिक करें।
  3. वहां मांगी गई सभी जरूरी जानकारियां, जैसे ट्यूबवेल कनेक्शन नंबर, आधार कार्ड, खतौनी और बैंक डिटेल दर्ज कर आवेदन सबमिट करें।
  4. आवेदन के बाद ऑनलाइन पोर्टल के जरिए विभाग द्वारा पात्रता का सत्यापन किया जाएगा।
  5. सत्यापन पूरा होते ही और तय 10% राशि जमा करने के कुछ ही दिनों के भीतर आपके खेत में सोलर पंप लगा दिया जाएगा।

तो देर किस बात की, जल्द से जल्द इस योजना के लिए आवेदन करें और मुफ्त सौर ऊर्जा से अपनी फसलों को हरा-भरा बनाएं।

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