बेटी के नाम रोज़ बचाएं ₹416, सुकन्या समृद्धि योजना से तैयार हो सकता है ₹72 लाख का फंड

केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना में हर महीने ₹12,500 यानी रोज़ करीब ₹416 जमा करके मैच्योरिटी पर बेटी के लिए लगभग ₹72 लाख का फंड जुटाया जा सकता है। 8.2% ब्याज और चक्रवृद्धि की ताकत इसे एक भरोसेमंद विकल्प बनाती है।

बेटियों का भविष्य सुरक्षित करने की चाह रखने वाले माता-पिता के बीच केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) तेज़ी से लोकप्रिय हो रही है। ऊंची ब्याज दर और पैसा डूबने का कोई जोखिम न होने के कारण लोग इस स्‍कीम में बढ़-चढ़कर निवेश कर रहे हैं। सही तरीके से निवेश किया जाए तो यह योजना आपकी बेटी के लिए किसी जैकपॉट से कम नहीं और मैच्योरिटी पर उसे ₹72 लाख तक दिला सकती है। आइए, इसका पूरा गणित समझते हैं।

क्यों खास है यह योजना

₹72 लाख का फंड बनाने का तरीका जानने से पहले इस स्‍कीम की खूबियों पर नज़र डालना ज़रूरी है। इसमें जमा की गई रकम पर सरकार सालाना 8.2% की ब्याज दर दे रही है, जो ज़्यादातर सरकारी योजनाओं की तुलना में अधिक है। इतना ही नहीं, इसमें चक्रवृद्धि ब्याज यानी ब्याज पर भी ब्याज मिलता है।

सरकार हर तिमाही में इस योजना की ब्याज दरों की समीक्षा करती है और ज़रूरत पड़ने पर इनमें फेरबदल भी कर सकती है। यह खाता बेटी के जन्म से लेकर उसकी 10 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले कभी भी खुलवाया जा सकता है।

खाता कौन और कहां खुलवा सकता है

यह योजना सिर्फ़ बेटियों के लिए है। आप अपनी दस वर्ष तक की दो बेटियों के नाम पर खाता खोल सकते हैं। खाता खुलवाने की प्रक्रिया बेहद आसान है—बेटी के माता-पिता या उनके कानूनी अभिभावक नज़दीकी डाकघर या देश के किसी भी अधिकृत सरकारी और निजी बैंक में जाकर इसे खुलवा सकते हैं। इस स्‍कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह सरकारी गारंटी के साथ आती है, इसलिए इसमें लगाया गया पैसा डूबने का कोई डर नहीं रहता।

चक्रवृद्धि ब्याज की ताकत

सुकन्या समृद्धि योजना की असली ताकत इसका चक्रवृद्धि ब्याज है, जो लंबी अवधि में बड़ा फंड खड़ा कर देता है। हर तिमाही में जमा राशि पर मिला ब्याज दोबारा मूलधन में जोड़ दिया जाता है। इसी प्रक्रिया के चलते जैसे-जैसे आपकी बेटी बड़ी होती है, निवेश किया गया पैसा समय के साथ कई गुना रफ्तार से बढ़ता चला जाता है।

हर महीने कितना जमा करना होगा

अब बात उस मुख्य गणित की, जिससे आपकी बेटी के लिए पूरे ₹72 लाख का फंड तैयार होता है। इसके लिए हर महीने बेटी के खाते में ₹12,500 जमा करने होंगे, यानी रोज़ाना लगभग ₹416।

इस तरह हर महीने ₹12,500 जमा करते हुए आप योजना की सालाना अधिकतम निवेश सीमा ₹1.5 लाख तक आसानी से पहुंच जाते हैं। यदि यह अनुशासित निवेश लगातार 15 वर्षों तक जारी रखा जाए, तो आपके द्वारा जमा की गई कुल वास्तविक पूंजी लगभग ₹22.50 लाख होगी।

15 साल निवेश, 21 साल में मैच्योरिटी

इस योजना का मैच्‍योरिटी पीरियड 21 वर्ष है, लेकिन पूरे 21 साल तक पैसे जमा करने की ज़रूरत नहीं होती। निवेश सिर्फ़ शुरुआती 15 साल तक करना होता है। इसके बाद के अगले 6 वर्षों तक भी सरकार जमा राशि पर ब्याज देती रहती है।

इस हिसाब से जब 21 वर्ष पूरे होने पर खाता मैच्योर होगा, तो 8.2% की स्थिर ब्याज दर के आधार पर यह रकम बढ़कर करीब ₹71.82 लाख हो जाएगी। दिलचस्प बात यह है कि इस पूरी मैच्योरिटी राशि में से लगभग ₹49.32 लाख तो आपको केवल सरकार की ओर से शुद्ध ब्याज के रूप में मिलेगा।

टैक्स में पूरी छूट

सुकन्या समृद्धि योजना 'ट्रिपल ई' (EEE) श्रेणी की स्‍कीम है। इसका अर्थ है कि इसमें सालाना ₹1.5 लाख तक के निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत पूरी टैक्स छूट मिलती है। इसके साथ ही, हर साल मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी ₹72 लाख की राशि पर भी सरकार एक रुपया टैक्स नहीं वसूलती।

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