हिमाचल के बनौड़े महादेव मंदिर में विभूति लगाने के बाद लौटी आंख की रोशनी, श्रद्धालु का दावा

पंजाब के होशियारपुर की रहने वाली लवली और उनके परिजनों का कहना है कि ऊना के बनौड़े महादेव मंदिर में माथा टेकने और विभूति लगाने के बाद ब्रेन हेमरेज से प्रभावित उनकी आंख की रोशनी वापस लौट आई, हालांकि इस दावे की कोई चिकित्सकीय पुष्टि नहीं हुई है।

आस्था और विश्वास से जुड़ी एक घटना इन दिनों जिला ऊना के प्रसिद्ध बनौड़े महादेव मंदिर को लेकर चर्चा का केंद्र बनी हुई है। पंजाब के होशियारपुर निवासी श्रद्धालु लवली और उनके परिजनों ने दावा किया है कि मंदिर में माथा टेकने और महादेव की पवित्र विभूति आंख पर लगाने के कुछ समय बाद उनकी प्रभावित आंख की रोशनी फिर से लौट आई।

परिवार के अनुसार ब्रेन हेमरेज के बाद लवली की एक आंख की रोशनी चली गई थी और चिकित्सकों ने भी इसके ठीक होने की संभावना बेहद कम बताई थी। ऐसे में मंदिर पहुंचने के बाद हुए इस अनुभव को परिवार भगवान शिव की कृपा मान रहा है।

बाबा बालक नाथ के दर्शन के बाद पहुंचे थे मंदिर

दरअसल, होशियारपुर निवासी लवली अपने परिवार के साथ बाबा बालक नाथ के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने जिला ऊना के चताड़ा स्थित प्राचीन बनौड़े महादेव मंदिर में दर्शन करने का निर्णय लिया। मंदिर पहुंचकर उन्होंने भगवान शिव के समक्ष माथा टेका और वहां मिलने वाली पवित्र विभूति अपनी आंख पर लगाई।

ब्रेन हेमरेज के बाद प्रभावित हुई थी आंख

परिजनों के अनुसार 3 मार्च 2025 को लवली को ब्रेन हेमरेज हुआ था, जिसके बाद उनकी एक आंख की रोशनी प्रभावित हो गई थी। लंबे समय तक उपचार चलने के बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ। परिवार का कहना है कि पिछले महीने पीजीआई में हुई जांच के दौरान चिकित्सकों ने बताया था कि आंख के सामने नसों का एक गुच्छा बन गया है और रोशनी लौटने की संभावना नहीं के बराबर है। इससे पहले एक बड़े अस्पताल से भी उन्हें रोशनी न लौटने की बात कहकर लौटा दिया गया था।

विभूति लगाने के बाद का दावा

लवली और उनके परिवार का दावा है कि बनौड़े महादेव मंदिर में दर्शन करने और विभूति लगाने के कुछ समय बाद उन्हें आंख से दिखाई देना शुरू हो गया। इस अप्रत्याशित बदलाव से परिवार बेहद भावुक हो गया और इसे उन्होंने भगवान शिव की विशेष कृपा बताया। इसके बाद परिवार ने दोबारा मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया और अपना आभार व्यक्त किया।

क्षेत्र में चर्चा का विषय

घटना की जानकारी फैलने के बाद पूरे क्षेत्र में इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है। मंदिर आने वाले श्रद्धालु भी इस घटना को आस्था और विश्वास से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि इस दावे की चिकित्सकीय पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी श्रद्धालु और उनका परिवार इसे बनौड़े महादेव की कृपा मानते हुए भगवान शिव का धन्यवाद कर रहे हैं।

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