जान बचाने के लिए एक बुजुर्ग मंदिर से निकलकर गुरुद्वारे तक दौड़ता रहा, मगर आरोपी का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा था और आखिरकार उसकी सांसें थम गईं। इंदौर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में 70 वर्षीय मंदिर सेवादार कैलाश मोदी की निर्मम हत्या का दिल दहला देने वाला मामला उजागर हुआ है। बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर में शराब पीने से मना करने पर चौकीदार मुकेश शर्मा ने कैलाश मोदी पर लगातार 31 डंडे बरसाए और उन्हें मौत के घाट उतार दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है।
आखिर पूरा माजरा क्या है?
यह घटना इंदौर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र की है, जहां एक छोटे से विवाद ने खूनी रंग ले लिया। 70 वर्षीय कैलाश मोदी काफी समय से मंदिर में सेवा का कार्य संभाल रहे थे। परिजनों के अनुसार, मंदिर में चौकीदारी करने वाला मुकेश शर्मा अक्सर मंदिर परिसर के भीतर ही शराब पिया करता था। कैलाश मोदी हर बार इसका विरोध करते थे और कई दफा उसे समझा भी चुके थे। बताया जा रहा है कि घटना वाली सुबह भी इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी हुई। विवाद इस कदर बढ़ गया कि आरोपी ने डंडा उठाकर बुजुर्ग पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया।
31 वार और रुक गई सांसें
मंगलवार तड़के करीब 5 बजे मुकेश एक बार फिर नशे में धुत होकर मंदिर पहुंचा। जब कैलाश मोदी ने उसे मंदिर की मर्यादा की याद दिलाते हुए शराब पीने से रोका, तो वह आपे से बाहर हो गया। उसने पास ही पड़ा भारी डंडा उठाया और बुजुर्ग ट्रस्टी पर टूट पड़ा। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक आरोपी ने कैलाश मोदी पर 31 बार डंडे से प्रहार किए। हमले से खुद को बचाने के लिए कैलाश मोदी मंदिर से बाहर निकलकर पास के गुरुद्वारे की तरफ भागे, लेकिन आरोपी ने उनका पीछा नहीं छोड़ा और लगातार वार करता रहा। बुरी तरह घायल कैलाश मोदी को बचाने की कोशिश की गई, मगर अत्यधिक चोटों के चलते उनकी मौत हो गई।
लंबे समय से मंदिर की देखरेख कर रहे थे कैलाश मोदी
घटना की जानकारी मिलते ही अन्नपूर्णा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी मुकेश शर्मा को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने घटनास्थल से सबूत एकत्र किए और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस के अनुसार, कैलाश मोदी काफी अरसे से मंदिर की देखरेख और संचालन का जिम्मा संभाल रहे थे। दूसरी ओर, आरोपी मुकेश शर्मा शराब का आदी था और अक्सर नशे की हालत में मंदिर परिसर में हुड़दंग मचाता था। ट्रस्टी उसे बार-बार समझा चुके थे, फिर भी उसकी आदतों में कोई बदलाव नहीं आया।
परिजनों ने क्या बताया?
परिजनों का कहना है कि कैलाश मोदी बेहद धार्मिक स्वभाव के व्यक्ति थे और मंदिर की सेवा को ही अपना जीवन समझते थे। वहीं पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में मंदिर परिसर में शराब पीने को लेकर हुआ विवाद ही इस वारदात की वजह सामने आया है। आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
मंदिर की पवित्रता बचाने में गंवानी पड़ी जान
मंदिर की पवित्रता को बनाए रखने की कोशिश करने वाले एक बुजुर्ग को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा, और गुस्से में अंधे आरोपी ने ऐसी घटना को अंजाम दिया जिसने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। फिलहाल आरोपी सलाखों के पीछे है और पुलिस मामले की हर कड़ी को खंगालने में जुटी हुई है।
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