झारखंड राज्यसभा चुनाव: एनडीए ने कसी कमर, अपने 24 विधायकों को होटल में ठहराने की तैयारी

झारखंड में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले एनडीए अपने सभी 24 विधायकों को रांची के एक होटल में ठहराने जा रहा है। दो सीटों पर तीन उम्मीदवारों के मैदान में होने से मुकाबला रोचक हो गया है।

झारखंड में राज्यसभा चुनाव हमेशा से राजनीतिक समीकरणों और क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। इस बार भी हर एक वोट की कीमत बढ़ गई है। यही कारण है कि चुनाव से ठीक पहले विधायकों की घेराबंदी, होटल की सियासत और जोड़-तोड़ के आरोपों ने राज्य का राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है।

विधायकों को होटल में ठहराने की तैयारी

झारखंड में 18 जून को प्रस्तावित राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो चुकी है। मतदान से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपने विधायकों को एकजुट बनाए रखने में लगे हैं। इसी दौरान सूत्रों के हवाले से बड़ी जानकारी सामने आई है कि एनडीए अपने सभी 24 विधायकों को रांची के रेडिसन ब्लू होटल में शिफ्ट करने जा रहा है। बताया जा रहा है कि सुबह 11:30 बजे तक एनडीए के सभी विधायक होटल पहुंच जाएंगे।

क्यों खाली हुईं दोनों सीटें

इस चुनाव की एक सीट झामुमो के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के बाद रिक्त हुई है। वहीं दूसरी सीट भाजपा के दीपक प्रकाश का कार्यकाल पूरा होने के चलते खाली हो रही है। इन्हीं दो सीटों के लिए मतदान होना है।

खास बात यह है कि दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं, जिसके चलते मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। सत्तारूढ़ महागठबंधन की ओर से झामुमो के वरिष्ठ नेता बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा उम्मीदवार हैं, जबकि एनडीए ने निर्दलीय प्रत्याशी एवं उद्योगपति परिमल नाथवानी को अपना समर्थन दिया है।

क्या कहता है नंबर गेम

राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान और मतगणना दोनों ही 18 जून को होंगे। ऐसे में हर दल अपने वोट सुरक्षित रखने की कोशिश में जुटा है। राजनीतिक गलियारों में क्रॉस वोटिंग को लेकर भी चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं, और यही वजह है कि विधायक दलों की घेराबंदी शुरू हो गई है।

सूत्रों की मानें तो जीत पक्की करने के लिए एनडीए को कुछ अतिरिक्त वोटों की जरूरत है। फिलहाल एनडीए के पास 24 विधायक हैं। राजनीतिक जानकारों का आकलन है कि दूसरी सीट जीतने के लिए उसे 3 से 4 अतिरिक्त वोट चाहिए हो सकते हैं। इसी वजह से एनडीए की निगाहें विपक्षी खेमे के नाराज विधायकों पर भी टिकी हैं।

मैदान में उतरे उम्मीदवार

  • बैद्यनाथ राम — झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) / महागठबंधन। लातेहार के विधायक और महागठबंधन के उम्मीदवार।
  • प्रणव झा — कांग्रेस / महागठबंधन। कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार।
  • परिमल नाथवानी — निर्दलीय (एनडीए समर्थित)। उद्योगपति और पूर्व राज्यसभा सांसद।

क्रॉस वोटिंग की आशंका

पूर्व मंत्री सरयू राय ने दावा किया है कि विपक्षी गठबंधन के कुछ विधायक अपनी “अंतरात्मा की आवाज” पर एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में मतदान कर सकते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।

दूसरी ओर कांग्रेस और झामुमो भी पूरी तरह चौकस हैं और अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश में जुटे हैं। महागठबंधन को भरोसा है कि उसके पास पर्याप्त संख्या बल है और दोनों सीटें उसी के खाते में जाएंगी। हालांकि एनडीए की रणनीति ने इस मुकाबले को रोमांचक बना दिया है।

महागठबंधन में रहा सीट बंटवारे पर टकराव

चुनाव से पहले महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर भी मतभेद उभरे थे। कांग्रेस ने पहले प्रणव झा के नाम की घोषणा कर दी थी, जिस पर झामुमो के नेताओं ने नाराजगी जताई। बाद में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में हुई बैठक में मामला सुलझ गया और एक सीट झामुमो जबकि एक सीट कांग्रेस के हिस्से में आई।

परिमल नाथवानी का नामांकन भी रहा चर्चा में

निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी का नामांकन भी सुर्खियों में रहा। शुरुआती जांच में कुछ आपत्तियां सामने आई थीं, लेकिन बाद में उनका नामांकन वैध घोषित कर दिया गया। इसके बाद मुकाबला दो के बजाय तीन उम्मीदवारों के बीच हो गया।

अब सबकी निगाहें 18 जून पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि महागठबंधन अपना संख्या बल बचा पाता है या एनडीए अपनी रणनीति के दम पर कोई बड़ा उलटफेर कर पाता है।

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