पटना से अगवा किए गए कारोबारी सौरव सुमन को पुलिस ने सूझबूझ और तेज कार्रवाई के साथ शहर से करीब 100 किलोमीटर दूर गयाजी से सकुशल छुड़ा लिया। रुपयों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद के चलते तीन बदमाशों ने उसे बंधक बना लिया था। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस सक्रिय हुई और न सिर्फ युवक को बरामद किया, बल्कि तीनों आरोपियों को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
कैसे रची गई अपहरण की साजिश
घटना पटना के गोपालपुर थाना क्षेत्र की है, जहां से बीते शनिवार यानी 13 जून को सौरव सुमन का अपहरण कर लिया गया था। चैनपुरा निवासी सौरव किराये की गाड़ियों का कारोबार करता है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पैसों के लेन-देन को लेकर उपजे विवाद के कारण ही उसके अपहरण की साजिश रची गई। बदमाशों ने उसे अगवा करने के बाद गया ले जाकर रखा था।
परिजनों की शिकायत पर हरकत में आई पुलिस
अपहरण की घटना के बाद परिवार वालों ने गोपालपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। मामला सामने आते ही पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई और जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई। वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ी, तो पुलिस को पता चला कि अपहृत युवक को शहर से करीब 100 किलोमीटर दूर गया जिले में रखा गया है।
गया में छापेमारी और सकुशल बरामदगी
लोकेशन की पुष्टि होते ही पुलिस ने गया की टीम से संपर्क किया और एक पुख्ता योजना बनाई। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए वहां छापेमारी की गई। ऑपरेशन के दौरान सौरव सुमन को बदमाशों के चंगुल से सकुशल मुक्त करा लिया गया। पुलिस ने उसे सोमवार को गयाजी से सुरक्षित बरामद कर लिया।
तीन आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान राजेश कुमार उर्फ लंकेश, सोनू कुमार उर्फ राकेश कुमार और सुधीर कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों गया जिले के ही रहने वाले हैं।
आगे की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अपहरण कांड का सफलतापूर्वक उद्भेदन कर लिया गया है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पूरे मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
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