गोंडा के पप्पू यादव के लिए 'हरा सोना' बनी मूंग, 40 हजार की लागत से लाखों की कमाई की उम्मीद

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के प्रगतिशील किसान पप्पू यादव ने मूंग की उन्नत खेती को आमदनी का जरिया बनाया है। कम लागत में तैयार होने वाली इस दलहनी फसल से उन्हें हर सीजन लाखों रुपये की आय की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के एक प्रगतिशील किसान ने मूंग की उन्नत खेती को अपनाकर अच्छी कमाई का रास्ता तैयार कर लिया है। किसान पप्पू यादव लगभग 25 बीघा भूमि पर मूंग की खेती कर रहे हैं और इससे उन्हें हर सीजन में लाखों रुपये की आमदनी हो रही है। उनकी इस सफलता को देखते हुए आसपास के कई किसान भी अब मूंग की खेती की ओर रुख कर रहे हैं।

कम लागत और लगातार बनी रहने वाली मांग

पप्पू यादव बताते हैं कि मूंग एक ऐसी दलहनी फसल है, जिसकी लागत कई दूसरी फसलों के मुकाबले कम आती है और बाजार में इसकी मांग भी हमेशा बनी रहती है। यही वजह रही कि उन्होंने बड़े पैमाने पर मूंग उगाने का फैसला किया। अच्छी किस्म के बीज, समय पर बुवाई और वैज्ञानिक तरीके अपनाने से फसल की पैदावार भी पहले से बेहतर हुई है।

क्या है शैक्षणिक योग्यता

पप्पू यादव बताते हैं कि उन्होंने इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की और इसके बाद नौकरी के लिए काफी कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। आखिरकार उन्होंने अपनी किस्मत खेती-किसानी में आजमाने का फैसला किया। इस समय वे करीब 5 एकड़ में मूंग की खेती कर रहे हैं। उनके मुताबिक, 5 एकड़ में लगभग 30 से 40 हजार रुपए की लागत आई है।

कहां से मिली खेती की प्रेरणा

पप्पू यादव के अनुसार, मूंग की खेती का विचार उन्हें गांव के ही एक युवक से मिला, जो मूंग पर शोध कर रहा है। उसी ने बताया कि मूंग की फसल से अच्छी कमाई होने के साथ-साथ इसे हरी खाद के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

लाखों की कमाई की उम्मीद

पप्पू यादव बताते हैं कि मूंग की फसल करीब 2 महीने में तैयार हो जाती है। इतने कम समय में पकने वाली गिनी-चुनी फसलों में मूंग भी शामिल है और बाजार में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगर इस बार फसल अच्छी रही तो उन्हें लाखों रुपए की आमदनी हो सकती है।

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