मात्र 100 रुपये के खर्च में घर पर उगाएं 25 किलो कोचई, जानें जैविक खेती का आसान तरीका

बस्तर की लोकप्रिय पारंपरिक सब्जी कोचई को अब आप अपने घर के गार्डन में आसानी से उगा सकते हैं। यह फसल तीन से चार महीने में तैयार हो जाती है और इसमें बीमारी का खतरा भी न के बराबर होता है।

कोचई की खेती का बढ़ता चलन

बस्तर क्षेत्र में कोचई एक बेहद लोकप्रिय पारंपरिक सब्जी मानी जाती है। इसके पत्तों और जड़ों (कांदा) दोनों का उपयोग स्वादिष्ट व्यंजन बनाने में किया जाता है। मानसून के दौरान, इसे अपने घर की बाड़ी या किचन गार्डन में उगाना बहुत आसान है। यदि आप भी बाजार से सब्जी खरीदने के बजाय घर पर ही ताजी और जैविक कोचई प्राप्त करना चाहते हैं, तो यह सही समय है। कोचई की खेती के लिए न तो बहुत अधिक जगह की जरूरत होती है और न ही बहुत ज्यादा खर्च करने की आवश्यकता है।

कम लागत में बंपर पैदावार

कोचई की फसल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह तीन से चार महीने की अवधि में तैयार हो जाती है। सबसे अच्छी बात यह है कि जब तक जमीन के अंदर कांदा पूरी तरह विकसित नहीं हो जाता, तब तक आप इसके पत्तों का इस्तेमाल सब्जी बनाने में कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, इस फसल में कीटों या किसी भी प्रकार की बीमारियों का प्रकोप बहुत कम देखा जाता है। स्थानीय किसान फरसु कश्यप के अनुसार, इस खेती को पूरी तरह से जैविक तरीके से किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मात्र 100 रुपये के बीज लगाकर उन्होंने लगभग तीन डिसमिल जमीन पर कोचई उगाई है, जिससे उन्हें 25 किलो तक उत्पादन मिलने की उम्मीद है।

कोचई उगाने की चरणबद्ध प्रक्रिया

कोचई लगाना बहुत सरल है और इसके लिए बहुत मेहनत की आवश्यकता नहीं होती है। किसान फरसु कश्यप ने इसे उगाने का आसान तरीका साझा किया है:

  • सबसे पहले फावड़े की मदद से जमीन में उचित आकार के गड्ढे खोदें।
  • इन गड्ढों में पर्याप्त मात्रा में गोबर की खाद डालें, जो इसे प्राकृतिक पोषण प्रदान करेगी।
  • तैयार गड्ढों में कोचई का कांदा लगा दें।
  • बारिश के मौसम में इसे अलग से सिंचाई करने की भी जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि बरसात का पानी ही इसके विकास के लिए पर्याप्त होता है।
  • लगभग एक से डेढ़ महीने के भीतर इसके पत्ते बड़े होने लगते हैं, जिन्हें आप तोड़कर सब्जी के रूप में उपयोग कर सकते हैं।

इस तरह की जैविक खेती न केवल आपके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि यह घर की जरूरतें पूरी करने के लिए एक बेहतरीन विकल्प भी साबित होती है। यदि आपके पास थोड़ी भी खाली जगह है, तो इस बरसात के मौसम में आप कोचई की बुआई कर सकते हैं और बिना किसी रासायनिक उर्वरक के ताजी सब्जी का आनंद ले सकते हैं।

https://hindi.news18.com/news/agriculture/kochai-farming-how-to-grow-kochai-at-home-kitchen-garden-local18-10702591.html