अभिनेता, निर्देशक और निर्माता के रूप में बनाई पहचान, 'रामायण' ने दिलाई घर-घर में शोहरत, 110 से अधिक फिल्मों में किया अभिनय

हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकार चंद्रशेखर वैद्य को 'रामायण' में सुमंत की भूमिका के लिए आज भी याद किया जाता है। 16 जून 2021 को 98 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था।

हिंदी फिल्म जगत के मंझे हुए कलाकार चंद्रशेखर वैद्य को आज भी दर्शक रामानंद सागर के धारावाहिक 'रामायण' में निभाए गए सुमंत के किरदार के लिए याद करते हैं। 16 जून 2021 को 98 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली थी। अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने 110 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया और एक अलग पहचान कायम की।

हर किरदार में डाली जान

चंद्रशेखर वैद्य का जन्म 7 जुलाई 1922 को उस समय के हैदराबाद राज्य, यानी मौजूदा तेलंगाना में हुआ था। बचपन से ही उनका झुकाव फिल्मों की ओर था। इसी जुनून के कारण 1940 के दशक की शुरुआत में उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और अपने सपनों को साकार करने के लिए मुंबई का रास्ता पकड़ा। फिल्म इंडस्ट्री में उनका प्रवेश मशहूर गायिका शमशाद बेगम की सिफारिश पर हुआ। इसके बाद उन्होंने पुणे के शालीमार स्टूडियो में काम करना शुरू किया और धीरे-धीरे अपनी जगह बनानी शुरू की।

जूनियर आर्टिस्ट के रूप में किया आगाज़

साल 1950 में फिल्म 'बेबस' से उन्होंने जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की। शुरुआती दौर के संघर्ष के बाद उन्हें बेहतर अवसर मिलने लगे। 1953 में रिलीज हुई फिल्म 'सुरंग' में उन्होंने एक अहम भूमिका निभाई। इसके बाद वह 'काली टोपी लाल रुमाल', 'बारादरी', 'बसंत बहार', 'गेटवे ऑफ इंडिया', 'फैशन', 'बरसात की रात', 'अंगुलिमाल', 'रुस्तम-ए-बगदाद' और 'जहां आरा' जैसी कई फिल्मों में नजर आए।

अभिनय के साथ निर्देशन और निर्माण में भी आजमाया हाथ

चंद्रशेखर केवल अभिनेता ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने निर्देशन और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। साल 1964 में उन्होंने 'चा चा चा' फिल्म का निर्माण और निर्देशन किया और उसमें मुख्य भूमिका भी निभाई। इसके बाद उन्होंने 'स्ट्रीट सिंगर' का भी निर्माण और निर्देशन किया। समय बीतने के साथ जब मुख्य भूमिकाएं घटने लगीं, तो उन्होंने चरित्र भूमिकाओं की ओर रुख कर लिया। अपनी बेहतरीन अदाकारी के बल पर उन्होंने हर तरह के किरदार में जान फूंक दी और इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पहचान बनाए रखी।

'रामायण' से मिली असली शोहरत

उन्हें असली पहचान रामानंद सागर के ऐतिहासिक शो 'रामायण' से मिली। इस धारावाहिक में उन्होंने राजा दशरथ के मंत्री और सारथी आर्य सुमंत का किरदार निभाया था। उस वक्त उनकी उम्र 64 साल थी, फिर भी उनकी दमदार अदाकारी ने इस किरदार को अमर बना दिया।

अभिनय के अलावा चंद्रशेखर फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के हितों के लिए भी सक्रिय रहे। 1985 से 1996 तक वह सिने आर्टिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे और कलाकारों तथा कर्मचारियों के कल्याण के लिए कई कदम उठाए। साल 2000 में रिलीज हुई फिल्म 'खौफ' के बाद उन्होंने अभिनय से संन्यास ले लिया।

निजी जीवन

अगर उनकी निजी जिंदगी की बात करें, तो महज 13 साल की उम्र में ही उनका विवाह हो गया था। वह आगे पढ़ना चाहते थे, मगर सातवीं कक्षा के बाद अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख सके। बेहद सादगी भरा जीवन जीने वाले चंद्रशेखर वैद्य के बेटे अशोक शेखर टीवी प्रोड्यूसर हैं।

चंद्रशेखर वैद्य भले ही आज हमारे बीच न हों, लेकिन उनके निभाए किरदार और हिंदी सिनेमा में दिया गया उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

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