बाबा बर्फानी के दर्शन की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। जम्मू-कश्मीर होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन और जेएंडके होटलियर्स क्लब जैसे प्रमुख व्यापारिक संगठनों ने मिलकर तय किया है कि इस बार तीर्थयात्रियों को होटल और टैक्सी पर 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह पहल यात्रा को सुगम बनाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की जेब पर बोझ कम करने के मकसद से की गई है।
भगवान शिव के भक्तों के लिए यह घोषणा खास मायने रखती है। 3 जुलाई से शुरू होने वाली बाबा बर्फानी की तीर्थयात्रा को आसान और सफल बनाने के लिए होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन तथा टूर ऑपरेटरों ने 50% की रियायत देने का ऐलान किया है। यह छूट पूरी यात्रा अवधि के दौरान लागू रहेगी।
इस भारी छूट के साथ श्रद्धालुओं के लिए एक और सुखद बात यह है कि इस वर्ष भी बाबा बर्फानी, माता पार्वती और पुत्र गणेश के साथ अपने पूरे आकार में दिखाई दे रहे हैं। यानी इस बार भक्तों को न सिर्फ पूर्ण आकार में दर्शन का लाभ मिलेगा, बल्कि उनकी जेब का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
पटरी पर लौट रहा पर्यटन
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में पर्यटन अब धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। ऐसे माहौल में लोगों का भरोसा दोबारा जीतने और तीर्थयात्रियों की यात्रा को सुरक्षित व सुविधाजनक बनाने के लिए पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने यह विशेष कदम उठाया है।
राज्य के तमाम होटल मालिकों और ट्रांसपोर्टरों ने पर्यटकों को ठहरने की जगह, ट्रैवल पैकेज और टैक्सी सेवाओं पर 50% छूट देने की घोषणा की है। यह अहम पहल जम्मू-कश्मीर होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन और जेएंडके होटलियर्स क्लब जैसे संगठनों ने मिलकर की है। इसका मकसद क्षेत्र में पर्यटन को फिर से रफ्तार देना है। अधिकारियों को उम्मीद है कि रजिस्ट्रेशन और तीर्थयात्रियों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
रोजगार से गहरा जुड़ाव
अमरनाथ यात्रा को दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तीर्थयात्राओं में गिना जाता है। यह कश्मीर के मुस्लिम समुदाय से भी गहराई से जुड़ी है, यही वजह है कि घाटी के लोग, खासकर पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोग, इस यात्रा का बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि इससे उन्हें रोजगार मिलता है।
तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए कश्मीर पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों ने इस साल 50% छूट का ऐलान किया है। इसका लक्ष्य इलाके में पर्यटन को फिर से जीवंत करना है। उम्मीद की जा रही है कि बड़ी संख्या में लोग यात्रा में शामिल होंगे, जिससे उस क्षेत्र को दोबारा खड़ा होने में मदद मिलेगी, जिसे पहलगाम की आतंकी घटनाओं के बाद बड़ा झटका लगा था।
तीर्थयात्री बनेंगे ब्रांड एंबेसडर
इस बीच जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी अमरनाथ यात्रा को लेकर अहम बयान दिया। उन्होंने पहलगाम के लोगों से अपील की कि वे यह सुनिश्चित करें कि तीर्थयात्री घाटी और यहां के निवासियों की सुखद यादों के साथ अपने घर लौटें और देश-दुनिया में इस इलाके के ब्रांड एंबेसडर बनें।
महबूबा ने स्थानीय लोगों से आग्रह किया कि वे जम्मू-कश्मीर आने वाले हर पर्यटक के साथ ब्रांड एंबेसडर जैसा बर्ताव करें, उनका दिल से स्वागत-सत्कार करें और यह तय करें कि वे कश्मीर की अच्छी बातें और गर्मजोशी भरे स्वागत की यादें साथ लेकर जाएं।
मेहमाननवाजी की मिसाल
महबूबा मुफ्ती ने कहा, "यह हमारे हाथ में है। हम मेहमाननवाजी की ऐसी मिसाल पेश कर सकते हैं, जो हमारी संस्कृति और विरासत को दर्शाती हो। हम तीर्थयात्रियों के साथ जैसा व्यवहार करते हैं या उनका स्वागत करते हैं, वह जम्मू-कश्मीर के बारे में बाहर बनी नकारात्मक धारणाओं को बदलने में अहम भूमिका निभा सकता है। इससे न केवल जम्मू-कश्मीर के लोगों के बीच, बल्कि पूरे भारत के अलग-अलग इलाकों और समुदायों के लोगों के बीच भी आपसी रिश्ते मजबूत होंगे।"
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