तिरुपति बालाजी मंदिर में रोज होता है करोड़ों का चढ़ावा, जानें कैसे होती है गिनती और कितनी कड़ी रहती है सुरक्षा

तिरुपति बालाजी मंदिर में हर दिन 2.5 करोड़ से 6 करोड़ रुपये के बीच चढ़ावा आता है, जिसकी गिनती CCTV, पुलिस और वॉलंटियर्स की मौजूदगी में बेहद सख्त सुरक्षा के बीच की जाती है।

तिरुपति स्थित प्रसिद्ध बालाजी मंदिर में हर दिन भक्तों की ओर से चढ़ाया जाने वाला दान 2.5 करोड़ से लेकर 6 करोड़ रुपये के बीच रहता है। मंदिर का प्रबंधन देखने वाली संस्था तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने इस चढ़ावे की गिनती के लिए अलग से विशेष स्टाफ तैनात किया है। सिक्कों को छांटने और गिनने में वॉलंटियर्स की भी मदद ली जाती है। सोने और चांदी के आभूषणों का मूल्य अलग से आंका जाता है और इनका मूल्यांकन हर महीने होता है। यहां भक्तों का दान 'हुंडी' यानी दान-पात्र में जमा किया जाता है। औसतन रोजाना 6 से 12 दान-पात्र चढ़ावे से भर जाते हैं, जिन्हें हर दिन 'परकामणि' भवन में पहुंचाया जाता है, जहां CCTV, पुलिस और वॉलंटियर्स की निगरानी में पूरी सख्ती के साथ गिनती की जाती है।

गिनती करने वाले कर्मचारी पहनते हैं सिर्फ धोती

इस पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी TTD की विजिलेंस एंड सिक्योरिटी विंग के पास है। यह आंध्र प्रदेश पुलिस के अधीन काम करने वाली एक समर्पित शाखा है, जिसकी कमान IPS स्तर के अधिकारी के हाथ में होती है और उन्हें चीफ विजिलेंस एंड सिक्योरिटी ऑफिसर कहा जाता है। पारदर्शिता बनाए रखने और चोरी रोकने के लिए सिक्के गिनने वाली मशीनें, AI आधारित निगरानी तथा सोने-चांदी के दान का हर महीने मूल्यांकन जैसे आधुनिक उपाय अपनाए गए हैं। दान की गिनती में जुटे कर्मचारी शरीर पर धोती के अलावा कुछ और नहीं पहन सकते और जहां चढ़ावे की गिनती होती है, वहां केवल उसी स्टाफ को प्रवेश की अनुमति होती है जिसे इस काम के लिए चुना गया हो। यहां तक कि सिक्के गिनने वाले वॉलंटियर्स की भी कम से कम तीन से चार बार तलाशी ली जाती है।

मशीनों से गिने और पैक किए जाते हैं सिक्के

TTD के कर्मचारी और श्रीवारी सेवक (वॉलंटियर) सिक्के, नोट और गहनों को अलग-अलग छांटते हैं। सिक्कों की गिनती और पैकिंग मशीनों के जरिए होती है। करेंसी नोटों के बंडल तैयार किए जाते हैं और उनकी बारीकी से जांच की जाती है। सोने-चांदी की वस्तुओं को सुरक्षित रखा जाता है और तिरुपति में TTD ट्रेजरी भेजने से पहले हर महीने उनका मूल्यांकन किया जाता है। परकामणि भवन में हाई-रिजॉल्यूशन CCTV कैमरे लगे हैं, जो AI सिस्टम से जुड़े हुए हैं, ताकि हर कर्मचारी की हरकत पर नजर रखी जा सके और किसी भी तरह की चोरी रोकी जा सके। चढ़ावे की गिनती की निगरानी TTD के अधिकारी और पुलिसकर्मी हर समय करते हैं। इस तरह के संवेदनशील कामों में आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या न्यूनतम रखी जाती है और स्थायी कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाती है।

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