हिमाचल प्रदेश में इन दिनों प्री-मॉनसून की झमाझम बारिश का सिलसिला देखने को मिल रहा है। सोमवार को शिमला के चौपाल और किन्नौर के निचार में जमकर ओलावृष्टि हुई, जबकि मंडी जिले के गोहर और चेलचौक में बरसात जैसी तेज बारिश दर्ज की गई। इस बीच मौसम विभाग ने प्रदेश में मॉनसून के दाखिल होने की तारीख भी साफ कर दी है। लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि कहीं इस बार भी बारिश 2023 और 2025 की तरह तबाही न मचा दे।
15 जून को चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट
शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि 15 जून को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि दोपहर और शाम के समय कई स्थानों पर तूफान आने की संभावना है। अगले चार से पांच दिनों तक प्रदेश में रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।
मौसम विभाग ने 18 और 19 जून के लिए भी कांगड़ा, चंबा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस अवधि में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बारिश की आशंका जताई गई है।
तापमान में बड़ी गिरावट
शोभित कटियार के मुताबिक बीते कुछ दिनों में हुई बारिश के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया है। हालांकि 14 जून के बाद बारिश की गतिविधियां कम होने से तापमान दोबारा सामान्य स्तर की ओर बढ़ने लगा है। उन्होंने बताया कि आने वाले चार से पांच दिनों में मैदानी इलाकों का तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ सकता है, जबकि मध्यम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कोई खास बदलाव नहीं दिखेगा।
20 जून के आसपास मॉनसून की एंट्री
मॉनसून की मौजूदा स्थिति पर शोभित कटियार ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल पूर्वी भारत तक पहुंच चुका है और सामान्य रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। सामान्य परिस्थितियों में मानसून 20 जून के आसपास हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करता है और 25 जून तक पूरे प्रदेश में छा जाता है। इस साल भी मानसून के सामान्य समय पर प्रदेश में पहुंचने की उम्मीद है।
किन्नौर में 15 मिनट तक गिरे ओले
सोमवार को किन्नौर के निचार में 15 मिनट तक भीषण ओलावृष्टि हुई, जिससे पूरी वादियां सफेद चादर में तब्दील हो गईं। इससे बागवानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। मंडी जिले में कई जगह बारिश हुई तो शिमला के चौपाल में ओले गिरे। ऊना के चिंतपूर्णी में भी मूसलाधार बारिश से मौसम ठंडा हो गया। अनुमान है कि 21 जून तक प्रदेश में मौसम खराब बना रहेगा। वहीं 18 और 19 जून के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
2023 और 2025 की तबाही की याद
गौरतलब है कि बीते 2023 और 2025 में हिमाचल प्रदेश में मॉनसून सीजन के दौरान भारी तबाही हुई थी और 17 हजार करोड़ से अधिक रुपये का नुकसान हुआ था। इस दौरान 800 से अधिक लोगों की जान भी गई थी। हालांकि इस बार मौसम विभाग ने सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है।
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